सितंबर, 2015 में औद्योगिक विकास दर 3.6 फीसदी रही |

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ministry of statisticsसितंबर, 2015 में औद्योगिक उत्‍पादन सूचकांक (आईआईपी) 178.0 अंक रहा, जो सितंबर 2014 के मुकाबले 3.6 फीसदी ज्‍यादा है। इसका मतलब यही है कि सितंबर, 2015 में औद्योगिक विकास दर 3.6 फीसदी रही। इसी तरह वित्‍त वर्ष 2015-16 की अप्रैल-सितंबर अवधि में औद्योगिक विकास दर 4.0 फीसदी आंकी गई है।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्‍वयन मंत्रालय के केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा सितंबर, 2015 के लिए जारी किये गये औद्योगिक उत्‍पादन सूचकांक के त्‍वरित आकलन (आधार वर्ष : 2004-05) से उपर्युक्‍त जानकारी मिली है। 16 स्रोत एजेंसियों से प्राप्‍त आंकड़ों के आधार पर आईआईपी का आकलन किया जाता है। औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी), केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, पेट्रालियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और उर्वरक विभाग भी इन एजेंसियों में शामिल हैं।

सितंबर, 2015 में खनन, विनिर्माण (मैन्‍युफैक्‍चरिंग) एवं बिजली क्षेत्रों की उत्‍पादन वृद्धि दर सितंबर, 2014 के मुकाबले क्रमश: 3.0 फीसदी, 2.6 फीसदी तथा 11.4 फीसदी रही। वहीं, अप्रैल-सितंबर 2015-16 में इन तीनों क्षेत्रों यानी सेक्‍टरों की उत्‍पादन वृद्धि दर क्रमश: 1.5, 4.2 तथा 4.5 फीसदी आंकी गई है।

सितंबर, 2015 में बुनियादी वस्‍तुओं (बेसिक गुड्स), पूंजीगत सामान एवं मध्‍यवर्ती वस्‍तुओं की उत्‍पादन वृद्धि दर सितंबर, 2014 की तुलना में क्रमश: 4.0, 10.5 तथा 2.1 फीसदी रही। जहां तक टिकाऊ उपभोक्‍ता सामान का सवाल है, इनकी उत्‍पादन वृद्धि दर सितंबर, 2015 में 8.4 फीसदी रही है। वहीं, दूसरी ओर गैर-टिकाऊ उपभोक्‍ता सामान की उत्‍पादन वृद्धि दर सितंबर, 2015 में 4.6 फीसदी ऋणात्‍मक अथवा नकारात्‍मक रही। कुल मिलाकर उपभोक्‍ता वस्‍तुओं की उत्‍पादन वृद्धि दर सितंबर, 2015 के दौरान 0.6 फीसदी आंकी गई है।

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