मुग़लसराय के इंज़माम की BHU में धाक, कैरम टूर्नामेंट में एक बार फिर बने विजेता

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चंदौली(ब्यूरो) मुग़लसराय– के सैयदइंज़माम फ़िरोज़ ने एक बार फिर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता ‘उन्मेष’ के कैरम टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ी है। इंज़माम ने ज़बरदस्त प्रदर्शन करते हुए 2013 के बाद एक बार फिर कैरम टूर्नामेंट में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए विजेता का खि़ताब अपने नाम किया। यहाँ आपको बताते चलें कि सैयद इंज़माम फ़िरोज उर्फ़ बाॅबी मुग़लसराय निवासी वरिष्ठ पत्रकार श्री सैयद फ़िरोजुद्दीन और श्रीमती निकहत फ़िरोज़ की तीसरी संतान हैं। इंज़माम पढ़ाई में होनहार होने के साथ ही क्रिकेट और कैरम में भी माहिर हैं। उन्होंने अंतर्रविश्विद्यालय टूर्नामेंट में एक बार जहां कैरम प्रतियोगिता में उपविजेता के तौर पर छाप छोड़ी थी तो वहीं इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और साल 2013 के बाद एक बार फिर 2017 में अपने कट्स और एम से प्रतिद्विंदी खिलाड़ियों को छकाते हुए विजेता के खि़ताब पर कब्ज़ा जमाया। उनकी इस उपलब्धि के लिए इस वर्ष आयोजित होने वाले ‘उन्मेष-2017’ में उन्हें बीएचयू के कुलपति और नामचीन शख़्सियतों के हाथों सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा।

2012 में बने थे उपविजेता– काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में हर वर्ष आयोजित होने वाली वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता में इंज़माम 2012 से ही प्रतिभाग कर रहे हैं। इंज़माम इस वर्ष बीए प्रथम वर्ष (भाषाः फ्रेंच, जर्मन और अंग्रेज़ी) के छात्र थे। जब उन्होंने सभी को हैरान करते हुए कैरम टूर्नामेंट में फ़ाइनल का तक का सफ़र तय किया। लेकिन यहां इंज़माम फ़ाइनल में हार गए। इस हार से उनका मनोबल नहीं टूटा। बल्कि अगलीबार जीत के विश्वास के साथ कड़ी मेहनत जारी रही।

2013 में कायम किया दबदबा– 2012 में उपविजेता होने के बाद विजेता बनने की ललक में एक वर्ष बीत गया और 2013 में इंज़माम को जिस दिन का इंतेज़ार था वो फिर आ गया। इस बार प्रतियोगिता में अपनी धाक जमाते हुए इंज़माम ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की और फ़ाइनल में लगातार दूसरी बार न सिर्फ़ पहुंचे बल्कि इस बार खि़ताब भी हथिया लिया। उनकी जीत की गूंज बीएचयू के साथ ही बाहर भी सुनाई दी। इसके बाद 2015 में जहां उन्होंने टूर्नामेंट में प्रतिभाग नहीं किया तो वहीं 2016 में सेमीफ़ाइनल के बाद तक का क्वालीफ़ाइंग राउंड भी तय किया।

2017 में इंज़माम की जीत– ये जीत नहीं, तमाचा है| 2017 में इंज़माम बीएचयू के एमए (भाषाः फे्रंच) द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। उन्होंने इस बार फिर यूनिवर्सिटी लेवल ईयरली स्र्पोट्स प्रोग्राम के कैरम टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। इस बार उन्होंने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए फ़स्र्ट राउंड से ही प्रतिद्विंदियों के छक्के छुड़ाए। यही नहीं इंज़माम ने 2016 के विजेता को सेकेंड राउंड में ही टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा कर अपने इरादे साफ़ कर दिए। इसके बाद वो रूके नहीं और दूसरी बार फ़ाइनल का खि़ताब अपने नाम किया। इंज़माम के परिजनों की मानें तो पिछली बार उसके टूर्नामेंट में इंर्टी न कर पाने का मलाल पूरे घर को था। ऐसे में जिन्होंने पिछली बार उसे इंट्री नहीं दी थी, इंज़माम की अबकी बार की ये जीत उन लोगों के लिए तमाचा है।

रिपोर्ट- विकाश शर्मा
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