सत्ता बदलने पर भी नहीं बदल रही प्रतापगढ़ की अनियंत्रित और लापरवाह नौकरशाही

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प्रतापगढ़ ब्यूरो : समय बदला, सरकार बदली और बदला सूबे का सीएम । लेकिन नहीं बदली तो जिले की अनियंत्रित, लापरवाह और बेलगाम नौकरशाही । अधिकारियों की मिलीभगत और अपनी ऊँची रसूख के चलते जनता की गाढ़ी कमाई के टैक्स से मोटा वेतन पाने वाले चिकित्सक अपनी ड्यूटी न करके जमकर गुलछर्रे उड़ा रहें हैं। ज्वाइनिंग के दो माह बीत जाने के बाद भी उनका अस्पताल में दर्शन नहीं हुआ है।

प्रतापगढ़ जिले के स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से यहाँ के चिकित्सक अस्पताल न आकर जनता के टैक्स से मोटी पगार पाकर जमकर ऐश कर रहें हैं, मरीजों का इलाज हो या न हो इससे उनको कोई मतलब नहीं है।

बाबागंज ब्लाक के महेशगंज सीएचसी की इकलौती महिला चिकित्सक शिखा सचान ने बाबागंज ब्लाक में जनवरी माह के अंतिम सप्ताह में सीएचसी महेशगंज में आकर ज्वाइन तो किया लेकिन तब से एक दिन भी वो अस्पताल में मरीजों को देखने के लिए नहीं बैठी। दो माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी उनके रवैये में कोई सुधार नहीं आया। सबसे मजे की बात यह है कि इस बात की जानकारी विभागीय अधिकारियों को होने के बाद भी उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई। सबसे बड़ा हास्यपद तो यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि वो महेशगंज में रहना नहीं चाहती इसीलिए छुट्टी लेकर नहीं आ रही है। अधिकारियों के इस बयान से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऐसे कामचोरों चिकित्सकों को विभागीय अधिकारियों का कितना संरक्षण प्राप्त है?

इस सम्बन्ध में प्रभारी चिकित्साधिकारी बाबागंज पंचदेव सिंह का कहना है कि महिला चिकित्सक महेशगंज में रहना नहीं चाहती। इसलिए छुट्टी लेकर वो अपने ट्रांसफर के लिए दौड़ भाग कर रही हैं।

इनका यह है कहना
अभी नई ज्वाइनिंग के तहत हमने प्रयास किया है कि सभी अस्पतालों पर महिला चिकित्सको की नियुक्ति की जाए, जब महिला चिकित्सक वहां नहीं रहना चाहती तो वो अपना ट्रांसफर करवा सकती है लेकिन यदि काम नहीं किया है तो वेतन उसको विभाग नहीं देगा।

रिपोर्ट – विश्वदीपक त्रिपाठी

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