इस बार रक्षाबंधन को भद्रा के साथ ही चंद्रग्रहण का साया, जाने कितना शुभ कितना अशुभ

बलिया (ब्यूरो)- भाई, बहन के असीम स्नेह का पर्व रक्षाबंधन सात अगस्त को है लेकिन इस बार इस त्यौहार पर भद्रा के साथ ही चंद्रग्रहण का साया भी रहेगा। जानकारों ने बताया कि करीब 12 वर्ष बाद ऐसा संयोग बना है जब राखी के दिन ग्रहण लग रहा है। इसलिए इस बार राखी के दिन सूतक भी लगेगा व ग्रहण लगने के कारण भद्रा का असर रहेगा।

भद्रा का समय रक्षाबंधन के लिए निषिद्ध माना जाता है। हिदू मान्यताओं के अनुसार सभी शुभ कार्यों के लिए भद्रा का त्याग किया जाना चाहिए। वजह ऐसा माना जाता है कि सूर्पणखा ने अपने भाई रावण को भद्रा में राखी बांधी थी जिसके कारण रावण का विनाश हो गया।

चंद्रग्रहण रात 10:53 मिनट से शुरू होगा जबकि खंडमास चंद्रग्रहण से नौ घंटे पहले यानि दोपहर 1.53 मिनट से सूतक लग जाएगा। सुबह 10.30 मिनट तक भद्रा का असर रहेगा। चूंकि सूतक और भद्रा दोनों में ही शुभ कार्य वर्जित है इसलिए इन्हें दोनों के बीच का समय राखी बांधने के लिए शुभ है। अत: सुबह 10.30 बजे से मध्याह्न 1.52 बजे तक रक्षा बांधने का शुभ मुहूर्त है। रात 12.48 बजे ग्रहण समाप्त हो जाएगा।

ये चंद्रग्रहण श्रवण नक्षत्र मकर राशि पर पड़ेगा और संपूर्ण भारत में नजर आएगा। ग्रहण के समय चंद्रमा पर सूर्य मंगल, गुरु और शनि ग्रहों की पूर्ण द्रष्टि रहेगी। ग्रहण मेष, सिंह, राशि वालों के लिए शुभ और सुखकारक रहेगा। वृश्चिक और मीन राशि वालों के लिए धनलाभ दिलाने वाला होगा। इस बार रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण के बाद 21 और 22 अगस्त को खग्रास सूर्यग्रहण भी है। हालांकि ये सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा, लेकिन 15 दिन के अंतराल में दो ग्रहण शास्त्रों में अशुभ माना गया है। कहा कि चंद्रग्रहण अवधि में स्नान, ध्यान, दान साधना, सुंदर कांड का पाठ, प्रभु का ध्यान हितकर रहेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here