इशरत जहां इनकाउंटर केस – पूर्व होमसेक्रेटरी ने किया खुलासा इशरत को आतंकी न बताने के लिए मुझे सिगरेट से दागा जाता था, बहुत ज्यादा किया जाता था टार्चर

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दिल्ली- वर्ष 2004 में अहमदबाद में भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी आईबी और गुजरात पुलिस के द्वारा किये गए एनकाउंटर मामले में जिसमें इशरत जहां समेत 4 लोगों को मारा गया था उस मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है I यूपीए (कांग्रेस) सरकार में होमसेक्रेटरी रहे जीके पिल्लई ने पूर्व की कांग्रेस सरकार और पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंम्बरम के ऊपर आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार और गृहमंत्री नहीं चाहते थे कि इशरत जहां को आतंकी बताया जाय या फिर उसके खिलाफ चार्जशीट में आतंकी लिखा जाय I यूपीए सरकार में होम सेक्रेटरी के पद पर रहे जेके पिल्लई ने बताया है कि पूर्व गृहमंत्री पी. चिंदबरम ने किस तरह से उन्हें दरकिनार करते हुए सुप्रीमकोर्ट में पेश होने वाले एफीडेविट को आईबी में मेरे जूनियर अफसरों को फोन करके बदलवा दिया था I उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि सिर्फ इतना ही नहीं इशरत जहां मामले में उन्हें इससे भी अधिक टार्चर किया जाता था, उन्होंने आगे कहा है कि मै दिल्ली में जहां पर रहता था वहां से कुछ दूर पर स्थित एक साऊथ इन्डियन मंदिर में मै दर्शन करने के लिए जाता था तब सीबीआई की एक महिला अफसर मंदिर तक मेरा पीछा करती थी I उन्होंने बताया है कि सरकार ने मुझे इतना अधिक टाचेर किया था कि मै हद से ज्यादा टूट गया था I

होम मिनिस्ट्री के पूर्व अफसर ने किया दावा, आतंकी न बताने के लिए सिगरेट से दागा जाता था मुझे –
यहाँ पर होम मिनिस्ट्री के एक अफसर ने और बड़े खुलासे किये है, बता दें कि भारतीय गृहमंत्रालय के एक पूर्व अफसर ने बताया है कि एफिडेविट बदलने के लिए उनके ऊपर दबाव डाला जा रहा था और इतना ही नहीं उनके मना करने पर उन्हें सिगरेट से दागा गया था I आपको बता दें कि गृहमंत्रालय के पूर्व अफसर आरवीएस मणि ने टाइम्स नाउ को दिए अपने एक साक्षात्कार में यह दावा किया है कि एसआईटी के चीफ शतीश वर्मा मुझे सबूत गढ़ने के लिए कहा था और मेरे मना करने पर एसआईटी चीफ वर्मा ने मुझे सिगरेट से जलाया था, उन्होंने बहुत ही भावुक होते हुए कहा है कि मुझे सिगरेट से दागा जाता था I उन्होंने यह भी बताया कि इशरत और उसके साथियों को जिनका एनकाउंटर आईबी और गुजरात पुलिस ने 2004 में अहमदाबाद में किया था उनकी आतंकी न बताने और एनकाउंटर को फर्जी बताने का हमारे ऊपर दबाव था I गृहमंत्रालय में अंडर सेक्रेटरी काम कर चुके आरवीएस मणि बताते है कि मुझसे कहा गया था कि सुप्रीमकोर्ट में जो एफीडेविट दाखिल किया गया है उसे पूरी तरह से बदल दो I मेरे मना करने के बाद मुझे बहुत ही बेरहमी से टार्चर किया जाता था, सीबीआई की एक महिला अफसर मंदिर तक मेरा पीछा करती थी जहां अक्सर मै दर्शन करने के लिए जाया करता था I गृहमंत्रालय के पूर्व अफसर ने यह भी बताया है कि सरकार के इस रवैये से मै इतना अधिक परेशान था कि मेरी यह हालत देखकर मेरी बीमार माँ और अधिक सदमे में आ गयी और इसी के चलते जनवरी 2014 में उनकी मौत हो गई I

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यूपीए सरकार में होम सेक्रेटरी रहे जीके पिल्लई ने बताया कि पूर्व गृहमंत्री ने खुद बदला था एफीडेविट –
यूपीए सरकार में होम सेक्रेटरी रहे जीके पिल्लई ने पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंम्बरम के ऊपर आरोप लगाया है कि इशरत जहां केस में जो एफिडेविट हमनें पेश किया था उसे खुद गृहमंत्री ने बदलवा दिया था I देश के एक प्रतिष्ठित चैनल (NDTV) की रिपोर्ट के अनुसार पिल्लई ने बताया है कि तबके गृहमंत्री पी. चिदंम्बरम ने खुद ही आईबी में मेरे जूनियर अफसरों को फोन किया था और खुद ही पूरा एफिडेविट बोलकर लिखवाया था I उन्होंने यह भी कहा कि आईबी का कोई भी अफसर इसलिए इसबात का विरोध नहीं कर सका था क्योंकि खुद गृहमंत्री ने इसे बोलकर लिखवाया था I उन्होंने बताया है कि पूर्व गृहमंत्री पी. चिदम्बरम को इस मामले में आईबी या फिर होम सेक्रेटरी को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए क्योंकि एफिडेविट का बदलाव खुद चिदंबरम ने करवाया था I

हेडली ने जो जानकारी दी थी उसकी जानकारी गुजरात की एसआईटी को नहीं दी गयी –
एक अंग्रेजी अखबार मेल टुडे में छापा गया है कि, “मुंबई हमलों के प्रमुख आरोपियों में से एक डेविड हेडली से NIA ने 2010 में शिकागो में पूछताछ कि थी और तब भी डेविड हेडली ने बताया था कि इशरत जहां लश्कर की सुसाइड बॉम्बर थी लेकिन NIA ने यह जानकारी गुजरात हाईकोर्ट के आदेश पर बनी एसआईटी को यह जानकारी देने से साफ़ मना कर दिया था I बता दें कि 5 मई 2011 को गुजरात हाईकोर्ट के आदेश बनी एसआईटी के चीफ करनाल सिंह को लिखे एक पत्र में NIA ने कहा था कि, “हेडली ने इशरत जहां के बारे में जो कुछ भी बताया है उसे कोर्ट में नहीं माना जाएगा इसीलिए उसके किसी भी बयान से आपकी जांच का मकसद पूरा नहीं हो पायेगा I बता दें कि पिछले महीने मुंबई की एक अदालत में शिकागो से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये गवाही दे रहे डेविड हेडली ने एक बार फिर से इस बात का खुलासा किया है कि इशरत जहां लश्कर की एक आतंकी थी I

जानें क्या था पूरा मामला –
वर्ष 2004 में 15 जून को भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी आईबी और गुजरात पुलिस ने एक संयुक्त आपरेशन चलाकार इशरत जहां और उसके चार साथियों को अहमदाबाद में मार गिराया था I इस एनकाउन्टर के मामले में गुजरात पुलिस की विशेष शाखा ने खुलासा किया था और बताया था कि इशरत जहां और उसके चारों साथियों का आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से कनेक्शन था और वह गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करना चाहते थे I उस समय केंद्र में बैठी यूपीए (कांग्रेस) सरकार ने गुजरात सरकार के ऊपर आरोप लगाया था और कहा था कि यह एनकाउन्टर फर्जी है I इसी मामले में सीबीआई ने अपनी चार्जशीट 2013 में पेश की थी और इसमें भी इस एनकाउन्टर को फर्जी बताया गया था I लेकिन अब तत्कालीन होम सेक्रेटरी जीके पिल्लई ने दावा किया है कि इशरत के आतंकियों से रिश्ते थे और उन्होंने यह भी माना है कि उनके ऊपर इशरत को आतंकी न बताने के लिए दबाव डाला गया था और इतना ही नहीं टार्चर भी किया गया था I

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