इस्लाम देता है इंसानियत का संदेश

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रायबरेली(ब्यूरो)- मजहबे इस्लाम असल में मजहबे इंसानियत है। मानव सेवा, शान्ति, सद्भाव, सौहार्द व भाईचारा इसकी बुनियाद है। इस्लाम की यह धारा बिना भेदभाव के सूफियों की दरगाह पर बहती है। यह बात इस्लामी रिसर्च स्कालर मौलाना मोहम्मद नासिर ने शहर की सुप्रसद्धि दरगाह हज़रत महबूब आलम शाह के 519वें तीन दिवसीय उर्स मुबारक के पहले दिन आयोजित जलसा में व्यक्त किये।

उन्होनें कहा कि बिना धार्मिक भेदभाव, ऊँच-नीच से दूर रहते हुए हर जरूरतमन्द की मदद को हाथ बढ़ाया। इस्लाम की सूफीवादी धारा और इस्लाम धर्म इंसानियत की सदैव प्रबल पैरवी करता है। जलसे का आगाज तिलावते कुरान पाक से हुआ, जिसमें नात मनकबद से जायरीन सुभानअल्लाह की सदायें बुलन्द करते रहे, जलसे के बाद लंगरे आम में हजारों जायरीनों ने प्रसाद ग्रहण किया और राजा जानी व मेराज निजामी कव्वाल ने पूरी रात महफिले समां में सूफियाना कलाम पेश किये।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मो0 इलियास, जमील अहमद विल्सन, जुबैर वारसी, हसीन सभासद, अख्तर खाँ, मो0 शरीफ, फैसल खाँ, बबलू, रूपेश श्रीवास्तव, अवधेश बाजपेयी, अनुभव, मो0 जावेद, युसूफ राना, धीरज श्रीवास्तव, कमलेश चैधरी, शिवप्रसाद, चाँद खाँ, गज्जन बाबा आदि लोग उपस्थित रहे।

रिपोर्ट- राजेश यादव

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