आयकर की जांच टीमों ने आइएएस अधिकारियों और मेरठ की आरटीओ के यहाँ छापे की अंतरिम रिपोर्ट शासन को भेजी

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लखनऊ ब्यूरो : छापों के दौरान आयकर की जांच टीमों ने आइएएस अधिकारियों और मेरठ की आरटीओ के ठिकानों से जो कुछ भी हासिल किया उसकी अंतरिम रिपोर्ट आयकर विभाग ने सोमवार को शासन को सौंप दी, यह रिपोर्ट मुख्य सचिव राहुल भटनागर को भेजी गई है | आयकर अधिकारियों ने बताया कि रिपोर्ट में सिर्फ तथ्य बताए गए हैैं, किसी तरह की संस्तुति नहीं की गई है दूसरी तरफ तत्कालीन विशेष सचिव कारागार सत्येंद्र कुमार सिंह की करीबी महिला शालिनी गुप्ता के नाम का लॉकर खोलने पर 250 ग्राम ज्वैलरी मिली जिसे सीमा में मानते हुए जब्त नहीं किया गया मुख्य सचिव ने देर शाम बताया कि अभी रिपोर्ट उन तक नहीं पहुंची है उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी |
सूत्रों के मुताबिक शासन को पहुंचाई गई आयकर विभाग की रिपोर्ट बताती है कि 1.55 करोड़ रुपये नकद रखने वाले तत्कालीन स्वास्थ्य निदेशक हृदय शंकर तिवारी ने किस तरह नोएडा से लखनऊ और नैनीताल तक करोड़ों-अरबों रुपये की प्रॉपर्टी खरीदी और रिश्तेदार के नाम एफडी करा के कालाधन बैैंक में पहुंचा दिया तिवारी के पास से मिली डायरी की बातें भी रिपोर्ट में शामिल हैं कि उन्होंने रिश्तेदारों के नाम कितना पैसा लगाया है रिपोर्ट पोल खोलती है कि ग्रेटर नोएडा के तत्कालीन एडीशनल सीईओ विमल शर्मा और मेरठ की उनकी आरटीओ पत्नी ने गैरकानूनी ढंग से 40 हजार रुपये के पुराने बंद नोट अपने पास रखे थे एक लाख रुपये की विदेशी मुद्रा भी उनके घर से बरामद की गई घर में नकद 37:50 लाख रुपये रखने वाले पूर्व विशेष सचिव कारागार सत्येंद्र कुमार सिंह के पुत्र और करीबी महिला के नाम से सामने आईं बेनामी संपत्तियां भी रिपोर्ट में शामिल हैैं बेनामी संपत्ति यूनिट का प्रशिक्षण आठ व नौ को बेनामी संपत्ति का पता लगाने के लिए आयकर विभाग ने प्रदेश में दो टीमें गठित करते हुए इनमें अधिकारियों की तैनाती कर दी है यह दोनों टीमें आयकर विभाग के लखनऊ और कानपुर मुख्यालय के अधीन रहकर प्रदेश के आधे-आधे हिस्से में काम करेंगी इन अधिकारियों का प्रशिक्षण आठ व नौ जून को होगा दो दिन के प्रशिक्षण में बारीकियां समझने के बाद यह टीमें मैदान में उतरेंगी और आइएएस अधिकारियों की बेनामी संपत्ति का मामला भी इन्हीं टीमों के सिपुर्द किया जाएगा

रिपोर्ट – मिंटू शर्मा 

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