यह सर्वोच्च न्यायालय है या मजाक न्यायालय

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supreme court of india
देश की सर्वोच्च न्यायलय ने स्पीड गवर्नर लगाने की मांग वाली याचिका पर राज्यों द्वारा जवाब न दाखिल किये जाने पर सख्त रवैया अपनाते हुए प्रधान न्यायाधीश जगदीश खेहर और न्यायाधीश चंद्र्चूर्ण की बेंच ने कहा कि यह सर्वोच्च न्यायलय है या कोई मजाक न्यायलय ? यह पंचायत नहीं है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता |

गैर सरकारी संगठन सुरक्षा फाउंडेशन ने कुछ श्रेणी के यात्री व परिवहन वाहनों को स्पीड गवर्नर लगाने से छूट प्रदान करने की सरकार की 15 अप्रैल, 2015 की अधिसूचना के खिलाफ याचिका दायर की है | सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को 10 राज्यों के परिवहन सचिवों से वाहनों में स्पीड गवर्नर (गति सीमा तय करने का यंत्र) लगाने की मांग वाली याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा, न्यायालय ने कहा है कि ऐसा न करने पर उन्हें उसके समक्ष पेश होना पड़ेगा |

राज्यों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी से नाराज़ मुख्य न्यायाधीश ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कार्यवाही 4 सप्ताह के लिए स्थगित कर दी |

सर्वोच्च न्यायालय ने देश भर के वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने की एक एनजीओ की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार, सभी राज्य सरकारों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से 20 नवंबर, 2015 को जवाब मांगा था.

सर्वोच्च न्यायालय ने कुछ यात्री व वाणिज्यिक वाहनों को स्पीड गवर्नर लगाने से छूट के तर्क पर सवाल उठाया था, क्योंकि केंद्रीय मोटर वाहन (छठा संशोधन) नियम के तहत इन वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य है, वाहनों को स्पीड गवर्नर लगाने से छूट को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि यही वाहन अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं के जिम्मेदार होते हैं |

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