⁠⁠⁠⁠⁠स्थिति बडी गंभीर बिजली व पानी की समस्या ने जनता का सीना दिया चीर

कबरई/महोबा(ब्यूरो)- योगी जी के फरमान को बट्टा लगाने मे जुटे बिजली के कर्मचारी। योगी जी के आदेश के बावजूद भी बिजली ने नाक मे दम कर रखा है एक तरफ सूबे की सरकार ने लोगो को आराम सुख आदि सुविधाएँ देने का एक नियम की तरह ऐलान कर दिया है मतलब बिजली पानी सडक घर तथा भ्रष्टाचार से मुक्त लेकिन शायद मुख्यमंत्री को नहीं मालूम की जनाब यह सब बात मे ही अच्छी लगती है और बात बनकर रह गई है।

योगी जी आपके आदेश मिर्ची की तरह लग रहे है आपके सरकारी कर्मचारी को फिर चाहे वह किसी भी विभाग के हो जब पिछली सरकार थी तब बिजली पानी व आदि विभाग कोई भी सही वह उसी तरीके से काम करता था न ज्यादा क्राइम होता था लेकिन जब से योगी सरकार आई और सबके हित के लिऐ नियम बनाऐ ताकि किसी भी व्यक्ति को दिक़्क़त न हो।

लेकिन कोई नहीं मानता आदेश को बस सब अपने ढंग से व इस सरकार को बदनाम करने के लिऐ सब उतारु है न कहीं भ्रष्टाचार खत्म हुआ न कहीं पानी की ठीक से सुविधा न कहीं बिजली की सुविधा व न कहीं सडक ठीक होने का काम सब खानापूर्ती वाला काम हो रहा जो अपराधी है फिर चाहे वह हत्या रेप या छेडखानी से जुडा मामला हो किसी पर कोई कार्यवाही नहीं सब खुलेआम व नेताओ के साथ तथा सपोर्ट से घूम रहे है और यही कारण है की क्राईम मे बढ़ोतरी हो रही है सरकार ने बिजली का सख़्त आदेश किया था|

लेकिन वह भी सरकार को आम जनता के सामने अपनी हरकतो से बदनाम करने मे लगे है कबरई कस्बा व इससे जुडा कोई भी गांव हो कहीं पर भी बिजली का कोई समय नहीं एक बार अगर बिजली चली गई तो दर्शन दुर्लभ हो जाते है और ऐसी भीषण गर्मी मे इस तरह का नाटक कर रही है तो जायज है की जनता सिर्फ सरकार को ही कोसे गी लेकिन यह नहीं जानती की बिजली वाले कर्मचारी की हरकत है क्योंकि वह अपने मन के राजा है उन्हें पिछली सरकार ने इतना पक्का कर दिया है की उन्हें ऐसे आदेशो व मुख्यमंत्री का बिल्कुल भी ख्याल नहीं है।

वह जानते है होना कुछ नहीं है सिर्फ जनता ही परेशान रहेगी तो रहे। क्योंकि कबरई मे न विधायक ने कभी यहाँ का जाऐजा लिया जबसे सरकार बनी और न ही सांसद ने और मन्त्री तो कोई यहां झाँकने तक नहीं आऐ। यह भी जायज है जब जनता द्वारा जीत प्राप्त कर विधायक नहीं आऐ तो बाक़ी का क्या कहना सब ऐसा ही होता है यही तो है उत्तर प्रदेश तथा बुन्देलखन्ड की स्थिति व चाल चलन।
बोलो भारत माता की जय

रिपोर्ट-प्रदीप मिश्रा

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