भगवान शिव के दर्शन को हर वर्ष यहाँ उमड़ते हैं लाखों श्रद्धालु, जाने क्या है इस मंदिर की खासियत

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कन्नौज ब्यूरो- इतिहास को अपनी गोद मे समेटे कन्नौज की धरती में जगह-जगह प्राचीन भवनों का मलवा दबा है| माना जाता है कि प्रचीन काल मे गँगा जी के किनारे शिव मंदिरों की एक श्रंखला रही होंगी| जनपद कन्नौज के ग्राम इन्दुयियागंज मे दशको पहले एक शिवलिंग निकला था, जिसके दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु उमड़ पड़े थे| भगवान भोलेनाथ के इस शिवलिंग को प्रचीन विरासत का हिस्सा मानते हुए आस-पास के गाँव के लोगो ने यहाँ एक मंदिर तामीर कराया तो दशको से यह मंदिर लोगो के लिए आस्था के केंद्र के रूप में मशहूर हो गया| लोग अपनी मनौतिया लेकर भोलेनाथ के दरबार में आने लगे| हज़ारो लोग भोलेनाथ के इस मंदिर मे सैकड़ो किलोमीटर से खिचे चले आते है| हर साल सावन में यहाँ भक्तो का तांता लगा रहता  है|
मंदिर में हर साल आस-पास जनपदों से हज़ारो श्रद्धालु आते है| लोगो की अलग मनौतियां पूरी हुयी हैं| हर भक्त की ज़बान पर उसकी आस्था की अलग एक कहानी है| लोग मानते हैं कि भोलेनाथ की यह सिद्धपीठ है और यहाँ आकर वो अपनी मनोकामनाएं हासिल करने में कामियाब होते हैं|
भोलेनाथ के भक्तो का यह नज़ारा जो तस्वीरों में दिख रहा है कोई नया नहीं है| भक्तो को भोलेनाथ के भक्ति सागर डुबोने के लिए लगातार शिवपुराण का पाठ चलता रहता है| कथा वाचक दशको से शिव पुराण का पाठ करने के लिए इन्दुइयागंज के इस मंदिर में आ रहे हैं| वह खुद मानते है यह भोलेनाथ की एक सिद्ध पीठ है|
सावन के महीने में भोलेनाथ की खास कृपा भक्तो के लिए बनी रहती है| इसलिए भक्तो का मानना है कि इस दौरान उनकी जो भी मनोकामनाये है उन पर शिव की कृपा का साया बना रहता है| भक्त बढ़-चढ कर भोले नाथ के दरबार में धतूरा, बेल आदि से खास पूजा अर्चना करते हैं| देखिये कितने आश्वस्त हैं यह लोग कि पहले भी इनकी मनौती पूरी हुयी हैं, इस बार इनके साथ अन्य लोग भी शिव कृपा का स्वाद चखने आये है|
रिपोर्ट- सुरजीत सिंह 

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