बैसाखी का अवकाश रद्द करने से लोगो में रोष : जगदीश सिंह झींडा

0
105
इंद्री हरियाणा सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने इन्द्री में कहा कि बैसाखी का अवकाश रद्द किये जाने पर सिखों में रोष है-सिख गुरूओं का इतिहास पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिये,प्रकाश सिंह बादल हरियाणा में सिखों को दो फाड करना चाहते है हरियाणा सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि सिख धर्म के गुरूओं ने देश को मुगलों की गुलामी से आजाद करवाने में अपना सर्वस्व न्यौंछावर कर दिया था। उनकी कुर्बानियों के बारे में आने वाली पीढ़ी को जागरूक करने के लिये इस इतिहास को शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिये ताकि युवा पीढ़ी को हमारे पूर्वजों के इतिहास की जानकारी मिल सके ओर वो इनको पढ़ कर गुरूओं के दिखाये हुये मार्ग पर चलकर अपना भविष्य संवार सके। झिंड़ा आज इन्द्री की अनाज मंड़ी में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा बैसाखी को छुट्टी को रद्द किये जाने पर सिख समुदाय के लोगों में रोष है। सरकार ने इस छुट्टी को रद्द करते समय सिख धर्म के प्रतिनिधियों से कोई भी सलाह मशवरा नहीं किया है। सिख धर्म के प्रतिनिधियों से इस बात पर सरकार को सलाह करनी चाहिये थी। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिये बड़े दुर्भाग्य की बात है कि ईसा मसीह के जन्मदिन पर तो सरकार द्वारा अवकाश घोषित किया जा रहा है उसका हमारे देश से कोई लेना देना नहीं है वहीं जिन्होंने देश की आन बान के लिये अपना सब कुछ न्यौंछावर कर दिया उनके पवित्र दिनों पर छुट्टी को रद्द किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी की हरियाणा सरकार से मांग है कि बैसाखी जोकि खालसा पंथ का स्थापना दिवस है को अवकाश घोषित करें। उन्होंने कहा कि प्रकाश सिंह बादल सिखों को दोफाड़ करना चाहते है इसलिये ही उनके पुत्र सुखबीर बादल ने हरियाणा में चुनाव लडऩे की बात कही है। उन्होंने अकाल तख्त द्वारा गुरू गोबिन्द सिंह जी का जन्मदिवस 25 दिंसबर को मनाने का आदेश देकर गलत किया गया है। उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत सिख लोगों ने गुरू गोबिन्द सिंह जी का जन्म दिन 5 जनवरी को ही मनाया है जोकि सही दिन भी है। झिंड़ा ने कहा कि सरकार भी अंग्रेजों की गुलामी कर रही है ओर उनके अनुसार नववर्ष एक जनवरी को ही मना रही है जोकि गलत है। उन्होंने कहा कि हमारा नया साल चैत्र महीने में शुरू होता है। प्रकृति अनुसार गेंहु, चना व सरसों जैसी फसलें इसी माह में ही कटती है
उन्होंने कहा कि हमारी मैंनेजमैंट कमेटी 16 तारीख को एक मींटिग करने जा रही है जिसमें प्रस्ताव पास कर बैसाखी तथा गुरू तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर अवकाश घोषित करने तथा गुरू तेग बहादुर जी की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग सरकार से की जायेगी। उन्होंने कहा कि गीता ज्ञान का प्रचार करने या किसी भी धर्म का प्रचार करने से फायदा ही होता है इससे लोगों को जानकारी मिलती है ओर धर्म के प्रति आस्था बढ़ती है। उन्होंने कहा कि सरकार का पैसा केवल विकास के कामों के लिये ही नहीं होता है बल्कि धर्म प्रचार के लिये भी होता है। इस मौके पर हरियाणा सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के यूथ स्टेट वाईस प्रधान गुरदीप सिंह रंबा ने कहा कि सरकार को बैसाखी पर्व की छुट्टी रद्द करने से पहले सिख प्रतिनिधियों से सलाह मशवरा करना चाहिये था। इस बात को लेकर सिख धर्म के मानने वालों में रोष है ओर इसका खमियाजा प्रदेश सरकार को भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से मांंग की वो सिखों की इस जायज मांग को माने ओर हिंद की चादर सिख धर्म के गुरू श्री तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर अवकाश घोषित करें ओर उनके इतिहास को पाठ्यक्रम में शामिल करें ताकि उसको पढ़ कर युवा पीढ़ी को हमारे गुरूओं द्वारा की गई कुर्बानियों के बारे में जानकारी मिल सके ओर उनके द्वारा दर्शाये गये मार्ग पर चल सके। इस अवसर परगुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के यूथ स्टेट वाईस प्रधान गुरदीप सिंह रंबा, हरप्रीत सिंह ,नरूला ,हरजीत सिंह ,अमरजीत सिंह ,अंग्रेज सिंह ,गुरनाम सिंह ,बलजीत सिंह ,आदि सभी मौजूद रहे।
रिपोर्ट-कान्तापल 
Advertisements

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here