जानें कौन है जिसकी कला के जादू ने प्रधानमंत्री मोदी के मन को भी लिया जीत

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम में आपने उन्हें एक कलाकार की कला की तारीफ़ करते हुए सुना होगा और ताली भी खूब बजाई होगी I आपका मन एक ऐसे प्रकति प्रेमी कलाकार के बारे में जब अपने देश के प्रधानमंत्री के मुंह से उसकी तारीफ़ सुनी होगी तो आपका ह्रदय भी गर्व से फूल गया होगा I लेकिन क्या आप जानते है कि वह कौन है और उनके द्वारा बनाए गए वह बेहतरीन चित्र क्या अपने कभी देखे यदि नहीं तो आज हम आपको बताने जा रहे है उसी दुनिया के सबसे बेहतरीन कलाकारों में से एक विजय बिस्वाल से I

ओडिशा के अंगुल जिले के छोटे से गाँव पल्लाहरा में जन्म हुआ था बिजय बिस्वाल का I बिजय जी कहते है कि बचपन से ही मुझे ऐसा मह्शूश होता था कि मानों यह दुनिया भर के रंग मुझे अपनी ओर आकर्षित कर रहे है, मुझे ऐसा प्रतीत होता था जैसे कि मै बस इन रंगों के लिये ही बना हूँ और यह रंग केवल और केवल मेरे लिए ही I

बिजय जी कहते है कि जब भी बचपन में मै अपने गाँव में रहता था तो वहाँ के खेत, खलियान, खुले आसमान के तले वट वृक्ष की छाया में भगवान् शंकर के शिवलिंग जहाँ गाँव के सभी लोग बड़ी ही श्रद्धा से सुबह-सुबह जल चढाने के लिए आया करते थे और शाम को वही हमारे गाँव के बुजुर्गो के बातचीत की एक मात्र जगह थी I बहुत ही ज्यादा अपनी ओर आकर्षित करती थी I सबसे ज्यादा मुझे यह देखकर अच्छा लगता था जब गर्मियों में उसी वट वृक्ष की छाया तले शिवलिंग की तरफ मुंह करके हमारे गाँव का सांड आकर बैठ जाता था I वह इतनी शांति से वहाँ बैठा रहता था मानों साक्षात नंदी भगवान् भोलेनाथ के सामने बैठे हो I

मै हमेशा उस चित्र को बनाना चाहता था और मै अक्सर वही कोयले से जमीन में उसे बना भी लेता था और उसे देखकर मुझे बहुत ही आनंद की अनुभूति होती थी I

देखें तश्वीरें –
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बाद में मै उड़ीसा के उस गाँव से नागपुर आ गया I यहाँ आकर भी मेरे भीतर हमेशा ही मानों एक ज्वालामुखी भभक रहा था I मेरे भीतर के रंग उछाल मार-मार के बाहर निकलने के लिए बेताब हो रहे थे I मुझे ऐसा लग रहा था मानों मेरे भीतर का कलाकार मेरी साँसों की तरह ही मेरे साथ रहा, शायद मेरी नसों में खून की जगह रंग एक अभिव्यक्ति पाने के लिए बह रहे थे |

बिजय जी कहते है कि जहां मेरी कला है मेरा दिल भी वहीँ है मै बिना पेंटिंग के रहने के बारे में सोच भी नहीं सकता I मै बचपन से ही पेंटिंग कर रहा हूँ I मैंने कभी भी किसी कला विद्यालय की डिग्री या पढाई का न होना एक कलाकार के रूप में मेरी प्रगति में कभी बाधा नहीं बना I मैंने जो कुछ भी सीखा खुद की मेहनत से सीखा और इस बात पर मुझे बहुत गर्व है |

प्रकृति मेरी पूजा है मै प्रकृति से बहुत जुड़ाव रखता हूँ मेरे ज्यादातर काम में आप इसकी झलक देख सकते हैं, मै प्रकृति के हर पहलु में खो सा जाता हूँ, समय – समय पर ये सब मुझे आकर्षित करते हैं | बारिश के बाद भारतीय रेलवे के गीले प्लेटफ़ॉर्म मेरा नया जूनून हैं |

मेरे लिए पेंटिंग अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का अनूठा तरीका है | मै खुद को इस तरह से व्यक्त करने में यकीन रखता हूँ कि कॉर्पोरेट ऑफिस में बैठा कोई बैंकर या सड़क के किनारे छोटी सी दुकान में पान बेचने बेचने वाला उससे सामान रूप से जुड़ सकें | पेंटिंग ना तो बहुत गूढ़ होनी चाहिए नाहि इतनी अमूर्त की एक आम आदमी की समझ में न आ सके यह एक कैलेंडर की तरह भी नहीं होनी चाहिए एक अच्छी पेंटिंग एक अची कविता, अच्छी कहानी या अच्छे गाने की तरह होनी चाहिए जो सुनने या पढने के बाद लबे समय तक आपको प्रभावित करती है |

नब्बे के दशक में जब मुझे भारतीय रेलवे में नौकरी मिली मै दर गया कि अब मुझे कला या नौकरी में से किसी एक को चुनना पड़ेगा और यदि ऐसा होता तो निश्चित ही मै कला के साथ जाने वाला था पर ईश्वर की कृपा से मुझे ऐसा नहीं करना पड़ा मैंने अपनी कला के प्रति रूचि और नौकरी में सामजस्य बैठा लिया | मेरी नौकरी की अनियमित प्रव्रत्ति के कारण मेरी कला प्रभावित नहीं हुई

और मेरे सफ़र को और भी आसान बनाने के लिए मै हमेशा अपनी पत्नी का ऋणी रहूँगा उसने अकेले ही घर और बच्चों को संभाल लिया और मेरे सपने को पूरा करने में मेरा पूरा साथ दिया |

अब तक इन्हें अनेकों पुरस्कार दिए जा चुकें है उन सबको तो यहाँ पर उद्धृत कर पाना कठिन है तो उनमें से कुछ एक –

मेरी पेंटिंग “ओडिशा विलेज” ने फरवरी 2013 में तुर्की में हुए इस्तांबुल अंतर्राष्ट्रीय वाटरकलर मासिक प्रतियोगिता में अवार्ड जीता |

2008 में नागपुर में हुए 23वें आल इंडिया आर्ट कांटेस्ट की प्रोफेशनल कैटगरी में पेंटिंग फायर विन्स-2 ने अवार्ड जीता |

बिजय जी की सबसे पसंदीदा कलाओं में से एक
बिजय जी की सबसे पसंदीदा कलाओं में से एक

2015 गुजरात आनंद में हुए आल इंडिया आर्ट कांटेस्ट में पेंटिंग Rush Hour को नेशनल अवार्ड मिला |

मध्य प्रदेश के आर्टिस्ट गिल्ड ने 30 अप्रैल 2013 को पेंटिंग सावन सोमवार को प्रसिद्ध राजा रवि वर्मा आदरांजलि परुस्कार दिया |

अगस्त 2014 में TALLENGE PAINTING CONTEST में पेंटिंग वेट एंड यंग को बेस्ट पेंटिंग घोषित किया गया |

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