जर्जर बैरक में रहने को मजबूर है पुलिसकर्मी

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मऊ (ब्यूरो)- कोतवाली घोसी में सिपाहियों के लिए बने बैरक इन दिनों जर्जर अवस्था में तब्दील हो चुका है। जिसकी वजह से उसमे रहने वाले सिपाही काफी सहमे हुए है। बैरक में रहने वाले सिपाहियों ने बताया कि बैरक जर्जर होने की वजह से रात में जब हम लोग सोते है कभी कभी छत का प्लास्टर हमारे ऊपर गिर जाता है जिसकी वजह से इसमे रहने वाली कई सिपाही चोटिल भी हो चुके है।

जिसकी सूचना विभाग के आला अधिकारियों को भी है। इसके बावजूद भी अधिकारियों के कान में जू तक नही रेंग रही और हम लोग इस जर्जर बैरक में रहने के लिए मजबूर है।  बताते चले कि कई पुलिस अधीक्षको ने इस थाने के बैरक का निरीक्षण किया और बैरक का मरम्मत करने का आश्वासन भी दिया लेकिन मरम्मत कार्य फाइलों में ही दब कर रह गया।

जब हमारी टीम द्वारा कोतवाली स्थित अन्य बैरकों व शौचालय का निरीक्षण किया तो शौचालय की भी स्थिति काफी दयनीय थी। शौचालय में लगे दरवाजे भी टूट चुके थे किसी तरह कोतवाली में तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा जुगाड़ द्वारा शौचालय में टूटा दरवाजा लगाकर काम चला रहे है। जबकि केंद्र सरकार व राज्य सरकार स्वच्छता हेतु काफी जागरूक है। इसके बावजूद भी कोतवाली परिसर में बने शौचालय प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिखा रहे है।

रिपोर्ट – ऋषि राय

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