जर्जर विद्यालय भवन से मासूमों का जीवन खतरे में

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प्रतीकात्मक फोटो

रायबरेली (ब्यूरो)- लगभग ग्यारह साल पहले बना प्राथमिक विद्यालय का भवन अब नौनिहालों के सर पर मौत बन कर मड़रा रहा है। जिसके चलते नौनिहालों का भविष्य ही नहीं जीवन भी संकट में है।

मामला ऊंचाहार ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय गोपालपुर उधवन का है। गाँव मे सन 2004-05 मे प्राथमिक विद्यालय के भवन का निर्माण कराया गया था। निर्माण के समय कार्य के  गुणवत्ता की घोर अनदेखी की गयी। जिसके कारण विद्यालय भवन बनने के कुछ सालो बाद ही उसमे का प्लास्टर उखड्ने लगा और धीरे-धीरे भवन जर्जर होने लगा। अब इस स्कूल मे करीब 250 बच्चे पढ़ रहे है। स्कूल के भवन की दशा यह हो गयी है कि उसकी छत और दीवालों मे बड़ी बड़ी दरारें है। जिसके कारण कभी भी भवन ढह सकता है। लेकिन अध्यापको और अभिभावकों कि मजबूरी है कि सर पर मड़रा रही मौत को अनदेखा करके बच्चो के जीवन को जोखिम मे डाला जा रहा है।

इसी मौत के साये मे बच्चो के भविष्य को सवारा जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग का शायद ही कोई बड़ा अधिकारी इस विद्यालय गया हो। यही कारण है कि स्कूल के एक कमरे मे आंगनबाड़ी का समान रखा है। इस बारे मे जब खंड शिक्षा अधिकारी अनिल त्रिपाठी से बात की गयी तो उनका कहना था कि विद्यालय भवन के मरम्मत के लिए दस साल बाद धनराशि आती है, स्कूल की मरम्मत की व्यवस्था कराई जाएगी और आगनबाड़ी कमरे की व्यवस्था भी ठीक करवाई जाएगी।

रिपोर्ट- राजेश यादव

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