36 वर्ष से लटकी जसौली सिंचाई परियोजना का सांसद व् विधायक संग आलाधिकारियों ने किया सर्वे

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सोनभद्र(ब्यूरो)- नगवां ब्लाक में 36 वर्ष से लटकी जसौली सिंचाई परियोजना की आस जग गयी है। आज रविवार को क्षेत्रीय सांसद व विधायक ने सिंचाई विभाग के आलाधिकारियों के साथ नगवां डैम के श्रीगाड़ा स्थल पर सर्वे करने पहुचे।

आजादी के बाद से आज तक जनपद के अति नक्सल प्रभावित ब्लाक नगवां क्षेत्र में सिंचाई की ब्यवस्था नही हो सकी है, जबकि इस ब्लाक में अग्रेजो के जमाने से ही नगवां डैम बना हुआ है जो नगवां क्षेत्र में सिंचाई के लिए एक बूंद भी पानी नही देता है और ना ही कोई नहर डैम से नगवां क्षेत्र के सिचई के लिए नही बनायी गयी। क्षेत्रीय लोगों ने 1982 से नगवां क्षेत्र को सिंचाई के लिए जसौली सिंचाई परियोजना की रूप रेखा बनाकर सरकार से माँग करते आ रहे हैं लेकिन कोई भी सरकार ध्यान नही दी और 36 वर्ष से जसौली सिंचाई परियोजना लटकी हुई है।

क्षेत्रीय सांसद छोटेलाल खरवार ने बताया कि जसौली सिंचाई परियोजना को प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री कृर्षि सिंचाई परियोजना में शामिल कर लिया है। उसी के क्रम में आज सिंचाई विभाग के कई अधिकारियों को क्षेत्र में भ्रमण कराकर सर्वे कराया जा रहा है और इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजा जाऐगा, ताकि नगवां क्षेत्र में कृषि सिंचाई ब्यवस्था अतिशीघ्र हो सके।

सदर विधायक भूपेश चौबे ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आपसी तालमेल बनाकर जसौली परियोजना को सर्वे कार्य अतिशीघ्र पूर्ण कराने का मौके पर निर्देश दिए। सांसद व विधायक के इस पहल को क्षेत्रीय जनो ने स्वागत किया है। सर्वेक्षण के दौरान जयंत मिश्रा, ओमप्रकाश पांडेय, जी बी पांडेय, प्रशान्त सिंह, अमरेश पटेल, अनिल सिंह, संतोष शुक्ला, कैलाश जायसवाल, आलोक सिंह, कमलेश, सत्यम जायसवाल, शैलेष दूबे आदि लोग मौजूद रहे।

रिपोर्ट – ज़मीर अंसारी

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