जाटों का दिल्ली कूच फ़िलहाल स्थगित, तैयारियों पर लगा विराम

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नई दिल्ली- जाटों के दिल्ली कूच को लेकर प्रशासन जिस तरह से युद्ध स्तर पर तैयारियों जुटा हुआ था आज से उन सभी तैयारियों पर फिलहाल विराम लग चुका है | दरअसल आपको बता दें कि सरकार और अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बीच हुई बातचीत के बाद जाटों ने दिल्ली में संसद के घेराव के कार्यक्रम को टाल दिया है | दिल्ली में जाटों के न आने से जहाँ एक तरफ प्रशासन ने गहरी सांस ली है वही दूसरी तरफ उतनी ही गहरी सांस दिल्ली और एनसीआर के आम लोगों ने भी ली है क्योंकि अब उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और रेल यातायात सहित सबकुछ पहले जैसा ही चलता रहेगा |

मनोहर लाल खट्टर के साथ हुई मीटिंग में लिया गया निर्णय –
बता दें कि संसद घेराव और जाटों के दिल्ली कूच की बात जब से सामने आई थी उसके बाद से ही राजधानी प्रशसन के हाथ पाँव फूल गए थे लेकिन एन मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर और अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेताओं के बीच हुई बातचीत के बाद यह घोषणा की गयी है कि सरकारों ने जाटों की मांगों को मान लिया है इसीलिए जाट आन्दोलन और दिल्ली मार्च सब कुछ रद्द किया जा रहा है | इस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार के दो जाट मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह और पी.पी. चौधरी भी मौजूद रहे |

दिल्ली में वापस ले ली गयी सभी पाबंदियां –
जाटों और सरकार के बीच लिए गए इस फैसले के बाद दिल्ली के लोगों ने सबसे बड़ी राहत की सांस ली है क्योंकि यहाँ पर बंद हुई मेट्रो सेवाओं, यातायात के बारे में जो भी नोटिफिकेशन जारी किये गए थे वह सभी वापस ले लिए गए है | अब दिल्ली मेट्रो पहले की ही तरह से सामान्य अवस्था में ही चलेगी और जो भी सड़क मार्गों को बंद किया गया था उन्हें भी निर्बाध तौर पर खोल दिया गया है | हालाँकि रविवार को आपको बता दें कि हरियाणा में जाटों और पुलिस के बीच थोड़ी बहुत झड़प अवश्य हुई और इस झड़प के दौरान एक डीएसपी समेत 15 पुलिस कर्मियों के साथ ही साथ तक़रीबन 35-40 लोगों के घायल होने की सूचना मिल रही है | बताया जा रहा है कि यह सभी जाट दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें वही रोक दिया |

जल्द ही शुरू होगी आरक्षण देने की प्रक्रिया –
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और अखिल भारतीय जाट संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने वार्ता के बाद एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस को भी संबोधित किया और इस दौरान मनोहर लाल खट्टर ने एलान किया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार जाटों की मांगो को स्वीकार करती है | साथ ही यह भी कहा है कि दोनों ही सरकारें दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर अमल करते हुए जाटों को आरक्षण देने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू करने जा रहे है | उन्होंने कहा है कि सरकार कानून के अनुरूप ही काम करेगी | मनोहर लाल खट्टर के बाद यशपाल मलिक ने भी कहा कि सरकार ने हमारी मांगों को स्वीकार कर लिया है जिसके बाद अब जाट दिल्ली नहीं आ रहे है और अब हरियाणा के अधिकतर स्थानों से जाट अपना धरना प्रदर्शन वापस ले रहे है | उन्होंने कहा है कि अब मात्र कुछ ही स्थानों पर सांकेतिक रूप से धरना प्रदर्शन जारी रहेगा | गौरतलब है कि हरियाणा में जाट पिछले 29 जनवरी से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए थे |
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