झारखंड पुलिस का संकल्प उग्रवाद नक्सलवाद का होगा सफाया: डीजीपी

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गोमो/धनबाद(ब्यूरो)- शुक्रवार को डीजीपी डीके पांडेय तोपचांची थाने का निरीक्षण करने पहुंचे। डीजीपी के साथ धनबाद जिला एसएसपी मनोज रतन चोथे, डीएसपी सहित कई आला अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान डीजीपी ने कई पदाधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।

कुछ पदाधिकारियों के पास हथियार साथ में नहीं रहने पर वे आग बबुला हो गये, उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि पारसनाथ पहाड़ और उसके आस पास जितने भी नक्सली सक्रिय हैं या जितने भी ठिकाने हैं, उसे नष्ट किया जायेगा, उग्रवाद को हर हाल में जड़ से समाप्त किया जायेगा। उन्हें किसी भी कीमत पर बक्सा नहीं जायेगा।

उग्रवाद प्रभावित सभी थानों और पोस्टों को सतर्क रहने का निर्देश दिया। उन्होंने ये भी कहा कि नक्सलियों से आगे आकर अब आर -पार की लड़ाई लड़ी जायेगी, और झारखंड में जितने भी नक्सलियों की सम्पति है उसका हिसाब लिया जायेगा। चाहे उसके किसी भी पारिवारिक सदस्यों के नाम पर हो।

नक्सलियों को पारसनाथ पहाड़, टुंडी, तोपचांची, मानियाडीह, पीरटांड़ डुमरी आदि थाना क्षेत्रों से उग्रवाद, नक्सलवाद का समूल नाश करना है और झारखण्ड पुलिस दिसंबर 2017 तक इस कार्य को पूर्ण करने का संकल्प लिया है।उक्त बातें राज्य के डीजीपी ने कही। पिछले दिनों नक्सली हमले में मारे गए पुलिस मुखबरी मामले पर उन्होंने पुलिस अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली साथ ही नक्सलियों से निपटने के दिशा में उठाये जाने वाले कारगर कदम पर दिशा निर्देश दिया।

डीजीपी ने आगे कहा कि नक्सलियों से निपटने के लिए पुलिस नए सिरे से कदम उठा रही है। उनके समूल नाश के लिए पुलिस अधिकारियों व पुलिस कर्मियों की भूमिका की समीक्षा की जा रही है।हम सभी ने उग्रवाद, नक्सलवाद को जड़ से ख़त्म करने का संकल्प लिया है।

उग्रवादियों के रिश्तेदार भाई पत्नी के नाम से जहा भी जो भी संपत्ति है उसे जब्त किया जायेगा। नक्सलवाद के खात्मे के लिए उनसे पुलिस सीधे लोहा लेगी।

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि कुंदन पाहन के सरेंडर के बाद अगर क्षेत्र में नक्सली वारदात बढे है तो पुलिस भी उन्हें मुँह तोड़ जवाब देने के लिए तैयार है।नक्सली को गोली की भाषा में ही जवाब दिया जायेगा।

रिपोर्ट-गणेश कुमार

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