कस्वा व ग्रामीण इलाको मे झोलाछाप चिकित्सको की बाढ़ स्वास्थ्य विभाग मौन

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मैनपुरी – कुरावली- कस्बा तथा ग्रामीण अंचल में दो सैकड़ा से अधिक झोलाछाप चिकित्सकों की लंबी फौज लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने पर तुली हुई है। स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत के चलते ये मरीजो के लिये खतरनाक साबित हो रहे हैं। कई लोग इनकी चपेट में आकर अपनी जान तक गंवा चुके हैं।
क्षेत्र के दूर-दराज इलाके में बसे ग्रामीण लोगों को समय पर सही इलाज मिल पाने की सुविधा नहीं है। यदि सुविधा है तो वहां पर डाक्टर मौजूद नहीं होते। निजी अस्पतालों का मंहगा इलाज गरीब तबका सहन नहीं कर पाता ऐसे में क्षेत्र के हजारों लोग प्रशिक्षित चिकित्सकों की बजाये नीम-हकीमों या फिर झोलाछाप चिकित्सकों के भरोसे इलाज करवाने को मजबूर हैं।
आंकडे़ के अनुसार कस्बा क्षेत्र में लगभग 90 तथा ग्रामीण क्षेत्र में एक सैकड़ा से अधिक नीम-हकीम या झोलाछाप चिकित्सक हैं जो बिना किसी डिग्री के लोगों का इलाज कर रहे हैं। कई बार इनका इलाज मरीजों के लिये बेहद खतरनाक साबित हो जाता है और उनकी जान पर बन आती है। इंडियन मेडिकल ऐसोशियेशन इन लोगों को इलाज की इजाजत नहीं देता। इनका काम पूरी तरह से अवैध है लेकिन फिर भी दवायें लिखने से लेकर यह झोलाछाप छोटी-मोटी सर्जरी तक कर रहे हैं।
रिपोर्ट – दीपक शर्मा

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