सरकारी अस्पतालो में दलालों का बोल बाला जिनकी सांठ गांठ से मजा रहे है क्षेत्र के झोला छाप डॉक्टर

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क्रेडिट- वेबदुनिया

पुरवा (उन्नाव) – थाना मौरावां के असगरगंज चैराहा बना झोला छाप डाॅक्टरो का गढ़ जहां आय दिन होता है बवाल वही ग्रामीणों ने तहसील दिवस में लिखित शिकायती पत्र देकर कार्यवाही की मांग की है। क्या नवागत सरकार इस पर भी अपना ध्यान आकर्षित करेगी।

प्राप्त विवरण के अनुसार मामला थाना मौरावां क्षेत्र के गांव असगरंगंज चैराहे से सम्बन्धित है जहां संजय कुमार पुत्र ओम प्रकाश निवासी असगर गंज ने तहसील दिवस मे षिकायती पत्र देते हुए बताया कि असगरगंज चैराहे पर कई झोला छाप डॉक्टर नीम हकीम खतरे जान बने हुए है कुछ डॉक्टरों के पास किसी प्रकार की डिग्री व डिप्लोमा नहीं है। संजय के अनुसार कुछ डॉक्टर तो परचून की दुकान पर ही दवा खाना चला रहे है जिससे अब तक तमाम लोगों की मौते हो चुकी है बताते है कि यह झोला छाप डॉक्टर जानवरो के जिस्म पर चपकने वाली किलोनी टाईप के होते है |

कहते हैं कि जब तक यह किलोनी पूरी तरह उस जानवर का खून पी नही लेती तब तक उस जानवर के शरीर को नही छोड़ती यही हाल है इन नीम हकीम खतरे जान झोला छाप डॉक्टरों का की जब तक मरीज से पैसा एैठते रहते है तब तक उनका इलाज मनमाने ढ़ंग से किया करते है और जब जान जाते है कि अब मरीज मे पैसा खर्च करने की क्षमता कम हो गयी है तब कहते है कि कही और या सरकारी अस्पताल मे दिखाव जाकर सरकारी अस्पतालों में तो लगभग 25 ग 25 वर्षों से डॉक्टर नर्से व अन्य तमाम कर्मचारी जमे है जो सरकारी अस्पतालो के भवनो को अपना निजी आवास समझ कर कब्जा जमाये है यही नही उनके बच्चे सरकारी अस्पताल परिसर मे दलाली करते नजर आते हैं।

रिपोर्ट- मो.अहमद (चुनई)

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