दलितों को चांटा मार कर मरहम लगाना भरना ही है दलित आरक्षण बिल का मकसद :

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वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में पहली बार आए गुजरात के निर्दल विधायक जिग्नेश मेवानी गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में थे। दलित नेता ने दलित आरक्षण बिल पर कहा कि, पहले दलितों को चांटा मारना फिर उन्हें मरहम लगाना यही है इस बीजेपी सरकार के आरक्षण बिल का मकसद। उन्होंने कहा कि दलित, महादलित, पिछड़े, अति पिछड़े और आदिवासी में से एक वोट बीजेपी को नहीं जाने वाला 2019 के लोकसभा चुनाव में।

चंद्रशेखर रावण से देश को खतरा?
मीडिया से मुखातिब जिग्नेश ने कहा कि देश भर में दलितों और आदिवासयों पर जिस तरह से पिछले साढ़े चार साल से जुल्म ढा रही है यह सरकार, अब चुनाव आ रहा है तो आरक्षण बिल का लॉलीपॉप दे कर उन्हें बरगलाना चाहती है। पहले इन पर गोलियां चलवाती है, लाठियों से पिटवाती है, फिर उन पर मरहम लगाने का नाटक, यह ड्रामा सबको समझ में आ रहा है। अब चंद्रशेखर रावण से देश को खतरा हो गया है। वह आदमी जो बच्चों को शिक्षा के लिए काम कर रहा है उससे देश को खतरा बता कर डेढ साल से जेल में डाल रखा है। उनकी चाल यहां सफल नहीं होने वाली है। एक वोट नहीं मिलने वाला इन्हें। दलित, आदिवासी और अति पिछड़े भी अब जागरूक हो गए है। वो जान गए है कि कौन उन पर लाठियां बरसा रहा, कौन उन पर गोलियां चलवा रहा। कौन उनके रोजगार छीन रहा। बीजेपी का जाना तय है।

25 लाख पद हैं रिक्त, दें रोजगार
उन्होंने कहा कि 2014 में मोदी जी ने देश भर में घूम-घूम कर कहा था कि हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देंगे। इस तरह इन साढ़े चार सालों में नौ करोड़ युवाओं को रोजगार मिलना चाहिए था। लेकिन उसके एक प्रतिशत भी नहीं मिला। अरे इनकी मंशा ही नहीं है रोजगार देने की। अगर ऐसा होता तो फिलवक्त देश में 25 लाख रिक्तियां हैं, प्राथमिक शिक्षा विभाग में, रेलवे में पुलिस में। अगर मंशा होती रोजगार देने की तो इन रिक्त पदों को भरते। अब भी वक्त है निकाल दें वेकेंसी।

साढ़े चार साल की उपलब्धि, बनारस तीसरे नंबर का प्रदूषित शहर
उऩ्होंने कहा कि आलम यह है कि प्रदूषण के मामले में पूरी दुनिया का जो आंकड़ा पेश आया है उसमें 17 शहर भारत के हैं जिसमें उनका संसदीय क्षेत्र वाराणसी तीसरे नंबर पर है। ये नरेंद्र मोदी ने कहा था कि मां गंगा ने मुझे बुलाया है। उस शहर का ये हाल। स्वच्छता अभियान चलाया क्या हुआ उसका हश्र। ये कुछ भी नहीं करना चाहते। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि गुजरात की साबरमती नदी आज देश की सबसे प्रदूषित नदी है। ये वही नदी है जिसका गुणगान 2014 में खुद मोदी जी ने किया था।

जिस विकास का मॉडल दिखाया वही फेल
कहा कि मोदी जी ने जिस गुजरात मॉडल, विकास मॉडल की चर्चा की थी 2014 में वह सब फेल हो गया है। गुजरात में लोग बेहाल हैं। अरे किसी को एक लाख 10 हजार करोड़ की लागत वाली बुलेट ट्रेन नहीं दो वक्त की रोटी चाहिए। लेकिन हालत यह है कि रोजाना देश में साढ़े चार हजार बच्चे कुपोषण व विभिन्न बीमारियों से मर रहे हैं। यह मै नहीं मोदी सरकार का आंकड़ा है। हर तबका बेहाल है। इसी बनारस के किसानों का जो मूड मैने देखा है वह बताता है कि इस बार के चुनाव में वो सबक सिखाने को तैयार हैं।

जो किसान आत्महत्या कर रहे वो दिखाई नहीं दे रहा
आपको देश ने प्रधानमंत्री इसलिए बनाया था कि आप देश से भुखमरी दूर करेंगे, भ्रष्टाचार मुक्त करेंगे, महंगाई दूर करेंगे पर क्या हुआ। यह पूछने पर कि वो तो कहते हैं हमारे कार्यकाल में एक भी भ्रष्टाचार का मामला सामने नहीं आया, तो जवाब दिया राफेल सौदा किसने किया? कहा कि किसान आत्महत्या कर रहे हैं पर उनके कर्ज माफ करने की कोशिश तो नहीं होती उल्टे पांच लाख 29 हजार करोड़ रुपये पूंजीपतियों के माफ कर दिए। ये सब जान गई है जनता।

राजस्थान, मध्य प्रदेश में हारने जा रही भाजपा
जिग्नेश ने कहा कि देश के जो हालात हैं उसमें अगले चुनाव में भाजपा हारने जा रही है। यह पूछने पर कि यह सूरत तो 2015 से है फिर क्यों एक के बाद एक स्टेट में वो जीत रहे हैं। जवाब था कि गुजरात में जो उन्होंने कहा वह नहीं हुआ, कर्नाटक में उन्हें सबक मिला, अब राजस्थान और मध्यप्रदेश हारना तय हैै भाजपा का।

बनारस में बोले जिग्नेश, मायावती करें लीड, मैं और रावण होंगे उनके दो हाथ
2019 में सपा, बसपा और कांग्रेस हो साथ जिग्नेश होगा उनके साथ, इस फासिस्ट सरकार को हटाने के लिए हर वर्ग, हर समाज के लोगों को एकजुट होना ही होगा।

यहां उन्होंने नरेंद्र मोदी, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ पर जम कर हमला बोला। कहा कि इन तीनों की तिकड़ी को नेस्त नाबूत करना ही होगा। इसके लिए सभी वर्ग, जाति, समुदाय को साथ आना होगा। उन्होंने बसाप सुप्रीमों मायवती की तमाम आशंकाओं को दूर करते हुए यहां तक कहा कि बतौर दलित नेता वह आगे आएं मैं जिग्नेश और रावण उनके दो बाजू के रूप में काम करेंगे।

मायावती, रावण और जिग्नेश एक साथ तो कोई ताकत नहीं कर सकेगी मुकाबला
गुजरात के दलित नेता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटने वाले दलित आरक्षण बिल की चर्चा करते हुए कहा कि दलितो के भारत बंद (02 अप्रैल) को देश के 11 नागरिकों को गोलियों से भूनने वाली सरकार आज आरक्षण बिल की बात करती है। क्या दलितों को मूर्ख समझा है। चुनाव नजदीक है तो दलितों को बरगलाने के लिए संसद में बिल ला रही है। एक भी दलित भाजपा को वोट नहीं देने वाला, हर दलित को समझ आ चुकी है। वह अब इनके झांसे में नहीं आने वाला। इसी कड़ी में उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति जो दलित है देश भर में बच्चों को शिक्षित करने के लिए अभियान छेड़ रखा था, सैकड़ों स्कूल खोले, उसे जेल में डाल दिया, यह कह कर कि उससे देश को खतरा है, मैं बात कर रहा हूं रावण कि जिसे डेढ़ साल से जेल में रखा गया है। दरअसल यह मोदी सरकार बच्चों को शिक्षा भी नहीं देना चाहती। कहा कि अब समय आ गया है कि बहन मायवती आगे आएं, दलित समाज को लीड करें मैं और रावण उनके दाएं, बाएं हाथ के रूप में खड़े होंगे उनके साथ। जब हम तीनों मिल कर एक साथ आ जाएंगे तो कोई ताकत हमारा मुकाबला नहीं कर पाएगा। एक भी दलित वोट बीजेपी के पक्ष में नहीं जाएगा।

रोहित बेमुला की हत्या करने वाले दलित प्रेम दर्शा रहे
उन्होंने कहा कि ये दलित प्रेम दिखा रहे हैं, बनारस में फ्लाइओवर गिरा, 15 लोग मारे गए, एक बार भी ट्वीट किया। मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि एक जानवर मर जाए तो ट्वीट करने वाले प्रधानमंत्री ने कतई ट्वीट नहीं किया होगा। पूछा, किसी के घर गए मिलने के लिए? किसी परिजन के सिर पर हाथ रखा? कहा कि ये लोग दलित आरक्षण की बात कर रहे हैं, रोहित बेमुला की हत्या करवाने वाले दलित प्रेम दर्शाने लगे हैं। उसकी बूढी मां को धक्का देने वाले दलितों की बात करते हैं। अरे इन्होंने पिछले साढ़े चार साल में अपने कार्य, संस्कृति और सोच से यह दर्शा दिया है कि इनके लिए दलित अछूत है। उसे न पढ़ने की इजाजत है, न पढाने की। न आगे बढ़ने की। कहा कि दलित, अति दलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा, किसान, मजदूर इनके लिए कोई मायने नहीं रखता। पूछा कितने किसानों को मुआवजा मिला। कितने किसानों ने आत्महत्या की, क्या उनके घर गए। संवेदना प्रकट की। लाश की राजनीति करने वालों को देश की जनता पहचान चुकी है। कितने बेरोजगार हैं जो साढ़े चार साल से रोजगार के इंतजार में हैं। अरे इन्हें जब ये लगा कि देश का दलित उन्हें वोट नहीं देने वाला 2019 में तो आरक्षण बिल पेश करके भरमा रहे है। ये जिग्नेश देश के कोने-कोने में जा कर लोगों के सामने इनकी हकीकत सामने रखेगा।

अब मां साबरमती उन्हें वापस बुला रही हैं
जन निगरानी समिति द्वारा कबीरमठ में आयोजित नवदलित सम्मेलन के मुख्य वक्ता के तौर पर जिग्नेश के निशाने पर सिर्फ और सिर्फ तीन लोग थे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। उन्होंने बनारस और यूपी के लोगों का काशी की धरती से आह्वान किया कि वो देश को बचाने के लिए, लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट हों। इस झूठी, मक्कार सरकार को अपदस्त करने के लिए एक मंच पर आएं। उन्होंने कहा कि जिस गुजरात मॉडल को नरेंद्र मोदी ने 2014 में भुनाया था, उसका दम निकल चुका है। वो एक्सपोज हो चुके हैं। वह जिस साबरमती नदी की स्वच्छता की दुहाई देते थे, सरकारी आंकड़े बताते हैं कि वह देश की सबसे प्रदूषित नदी हो गई है। कहा कि 2104 में उन्होंने कहा था कि मां गंगा ने बुलाया है, अब मां साबरमती उन्हें वापस बुला रही हैं।

गुजरात का मॉडल फेल हो गया, कपडा व्यवसायी तबाह हो गए
युवा विधायक जिग्नेश ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पूरे देश को तबाह कर दिया इन साढ़े चार सालों में। इसी कड़ी में उन्होंने कपड़ा रोजगार का जिक्र किया और कहा कि गुजरात के कपड़ा कारोबारी तबाह हो चुके हैं। फिर काशीवासियों से पूछा क्या आपका बनारसी साड़ी कारोबार बचा है, जनता के बीच से कई महिलाओं ने हाथ हिला कर ना का जवाब दिया तो उन्होंने कहा कि बताएं ये तो उनका संसदीय क्षेत्र है। कहा कि यह तो प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है यहां के परंपरागत रोजगार को तो बचा लेते। लेकिन नहीं, इन्होंने दिया क्या?

विपक्ष नहीं, जनता को आगे आना होगा : उर्मिलेश
इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश ने कहा कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह एंड कंपनी से लड़ने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। आपसी मतभेद भुलाने होंगे। उन्होंने गुरुवार को रा ज्यसभा के उपसभापति के चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस राज्यसभा में विपक्ष के बहुमत का दावा किया जा रहा था वहां भी एनडीए जीत गई। विपक्ष हार गया तो ऐसे में ये 2019 के चुनाव आते-आते ये लोग फिर से कोई नया हथकंडा अपनाएंगे ऐसे में विपक्ष से कहीं ज्यादा काम और कहीं ज्यादा जिम्मेदारी आम जनता की है जो पिछले साढ़े चार साल से जुमलों के मकड़जाल में फंसती आ रही है। जनता ही जवाब दे सकती है।

ब्राह्मण खुद चलाएं जाति हटाओ आंदोलन
बुद्धिजीवी, हिंदू कॉलेज नई दिल्ली के प्रो रतन लाल ने कहा जाति का खात्मा कभी नहीं हो सकता। ब्राह्मणवाद कभी नहीं खत्म हो सकता। ये कंपोजिट कल्चर की देन है। इसे खत्म करने का एक रास्ता है, ब्राह्मण खुद चलाए जाति विरोधी आंदोलन। वहीं पत्रकार पंकज श्रीवास्तव ने क्रोध को खत्म करने की वकालत की। कहा कि भगवान राम, शिव, देवी पार्वती, हनुमान सभी को तो छीन लिया है इन सत्ताधारियों ने। मर्यादा पुरुषोत्तम राम का चरित्र पढ़ें, पूरे रामचरित मानस में एक प्रसंग आता है जब लंका जाते वक्त समुद्र पर गुस्साए थे। उन्हें भी इन्होंने गुस्से वाला राम बना दिया। हम बचपन में शिव का वह स्वरूप देखते थे कि हिमालय पर्वत पर शिव, पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, नाग, मोर, नंदी, चूहा सब एक साथ दिखते थे, अब इन्होंने त्रिशूल लिए भगवान शंकर के तांडव करते दिखा कर यह बता रहे कि वह तो हमेशा क्रोधित रहते हैं। ऐसे ही गुस्से वाले हनुमान को दर्शा रहे हैं। अरे ये भगवान तो अभयदान देने वाले हैं क्रोध दिखाने वाले नहीं।

उभरते फासीवाद को नवदलित आंदोलन ही खत्म कर सकता हैः डॉ लेनिन
इससे पहले आयोजक डॉ लेनिन रघुवंशी ने विषय प्रस्तावना रखते हुए कहा कि भारत में उभरते फासीवाद को नवदलित आंदोलन ही खत्म कर सकता है। बड़ी तादाद में गरीब बहुसंख्यक उभरती हुई फांसीवादी शक्तियों के द्वारा दबाए जा रहे हैं। इनका दमन जाति व्यवस्था, पितृसत्ता, सामंतवादी और अल्पसंख्यक के रूप में लगातार हो रहा है। उन्होंने कहा कि नेल्सन मंडेल मॉडल को अपना कर नवदलित आंदोलन को आगे बढ़ा कर सदियों पुरानी समस्या को खत्म किया जा सकता है।

इन्हें दिया गया जनमित्र सम्मान
इस मौके पर मानवाधिकार के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने के लिए जागृति राही और उत्तराखंड के प्रदीप गर्ग को जनमित्र सम्मान से नवाजा गया। सम्मानित बिहार के उदय कुमार को भी किया जाना था मगर वह मां की अस्वस्था के चलते नहीं आ सके थे।

सम्मेलन में इन पुस्तकों का हुआ विमोचन
इस मौके पर समाज वैज्ञानिक अमित सिंह द्वारा रचित confict of freedom of expression and religion और वरिष्ठ साहित्यकार व चिंतक मूलचंद सोनकर द्वारा लिखित किताब कांशी राम की प्रथम जापान यात्रा का लोकार्पण किया गया।
ये थे मौजूद

सम्मेलन को कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी देसाई, अपर्णा, श्रुति नागवंशी, नदीम खान, अनूप श्रमिक आदि ने भी विचार ऱखे। संचालन रंगकर्मी, साहित्याकार व्योमेश शुक्ला ने किया जबकि जननिगरानी समिति के गवर्निंग बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ मोहम्मद आरिफ ने आभार जताया। सम्मेलन में बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के लोग भी आए थे।

रिपोर्ट – राज कुमार गुप्ता

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