मुरलीछपरा ब्लॉक का किया जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण

बलिया(ब्यूरो)– जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने मंगलवार को विकास खंड मुरली छपरा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एडीओ पंचायत व कुछ कर्मी गायब मिले। जिलाधिकारी ने वहां की व्यवस्था पर असंतोष जताया और सुधार के लिए बीडीओ को एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया। सचेत किया कि सुधार नही दिखा तो बड़ी कार्रवाई तय है। अनुपस्थित कर्मियों को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने दोपहर अचानक ब्लॉक मुख्यालय पर  पहुंच गये। इससे वहां मौजूद कर्मियों में अफरातफरी मच गयी। जिलाधिकारी ने उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया तो कैशियर श्यामसुंदर तिवारी, सहायक लेखाकार मुरलीमनोहर ओझा हस्ताक्षर बनाकर गायब मिले। जबकि लेखाकार अशोक श्रीवास्तव कई दिनों से अनुपस्थित थे।

पूछताछ में बताया गया कि वे मेडिकल पर है लेकिन रजिस्टर में ऐसा कुछ अंकित नही मिला। इकबाल अहमद अंसारी भी 16 जून को कार्यभार ग्रहण करने के बाद 20 जून से ही गायब मिले। इन सभी कर्मियों का स्पष्टीकरण लेने व संतोषनजक स्पष्टीकरण नही होने पर कार्रवाई करने का निर्देश विकास विभाग के अधिकारियों को दिया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी मनोज सिंघल साथ रहे।

सचिव के पास 7 साल से एडीओ पंचायत का चार्ज-
मुरली छपरा ब्लॉक के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि सचिव संजय सिंह के पास 7 साल से एडीओं पंचायत का चार्ज है। इस पर ताज्जुब जताते हुए बीडीओ से इसका कारण पूछा। बीडीओ ने इस पर चुप्पी साध ली। बड़े घालमेल की आशंका होने पर जिलाधिकारी ने टेस्ट के लिए किसी एक गांव की बकायदा जांच कराने को कहा। सचेत किया कि अगर उस गांव में योजनाओं का संचालन, आवास व शौचालय निर्माण आदि कार्य ठीक से कराये गये मिले तो ठीक, वरना सभी जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी पर बड़ी कार्रवाई होगी। गड़बड़ी मिलने पर शासन स्तर पर शिकायत भेज दी जाएगी।

 

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