जिले स्वर्णकार की हत्याओं का सिलसिला जारी, पुलिस के लिए स्वर्णकार सुरक्षा बड़ी चुनौती

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मैनपुरी (ब्यूरो)- मृतक राजेश वर्मा की स्वर्णकार की दुकान घर से महज 100 मीटर की दूरी पर है, रोजाना की तरह वह सांय 7: 30 बजे अपनी दुकान बंद कर थैला लेकर घर जा रहे थे, जैसे ही वह अपने घर जाने वाली सिंधी गली में घुसे तभी पहले घात लगाए खड़े 2 अज्ञात लुटेरों ने उनपर हमला बोल दिया, पीछे से लुटेरों के 2 अन्य साथी भी बाइक पर सवार होकर आ गए, ओर देखते ही देखते ताबड़तोड़ फायर करते हुए  लगभग 30 लाख नगद व आभूषणों से भरा थैला लूटकर फरार हो गए। आनन फानन में घायल राजेश को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद स्वर्णकार समाज व दुकानदारों में तीव्र रोष व्याप्त हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक राजेश एस दलबल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। घटना का खुलासा करने और लुटेरों की धरपकड़ के लिए क्राइम ब्रांच मैनपुरी, सहित भोंगाव पुलिस व कई तेजतर्रार मौके पर बुलाया गया। वहीं घटना के खुलासे के लिए फिरोजाबाद क्राइम ब्रांच की टीम को भी भोंगाव भेजा गया, देर रात्रि 2 बजे तक बदमाशों पुलिस जांच पडताल में लगी रही पर कुछ हासिल न हुआ।
अगले दिन सुबह होते ही गुस्साए स्वर्णकार समाज व दुकानदारों ने थाने पहुंचकर कहा कि जब तक लुटेरे पकड़े नही जाते तब तक वह शव का अंतिम संस्कार नही करेंगे, पुलिस अध्ीाक्षक ने भीड़ को समझ बुझाकर शांत किया और मौके की नजाकत को देखते हुए आसपास के थानों के फोर्स व बुला लिया। सुबह 11 बजे शवे को अंतिम संस्कार के लिए जे जाया गया जहां अंतिम संस्कार सम्पन्न हुआ।
लगातार घटना की जानकारी ले रहे आई जी मुथा अशोक जैन लगभग 1 बजे भोंगाव कोतवाली पहुंचे, जहाँ से वह मृतक के आवास पर गए और परिजनों को ढांढस बंधाया और जल्द से जल्द घटना का खुलासा किये जाने की बात कही। घटना के खुलासे के लिए ।ज्ै की टीम को भी लगाया गया है, घटना के बाद पूरे नच में हड़कंप मच हुआ है। वही इंस्पेक्टर भोंगाव द्वारा रात्रि गश्त लापरवाही बरते जाने पर नाराजगी जताई। आईजी ने थाना भोंगाव में मीडिया कर्मियों से प्रेसवार्ता भी की।
वहीं नगर की जनता ने तेजतर्रार ेव शशिकांत सिंह को ेव भोंगाव का चार्ज दिए जाने की बात भी कही, बताते चले कि शशिकान्त सिंह पूर्व में  भोंगाव रह चुके है लेकिन उनका कार्यकाल मात्र एक माह ही रह, उनके कार्यकाल में अपराधी भोंगाव छेत्र के पलायन कर गए थे, ओर कोई भी लूट व हत्या जैसी घटना घटित नही हुई थी, परंतु राजनीतिक कार्डों के चलते उन्हें हटा दिया गया था।
अब देखना है कि इस घटना का खुलासा पुलिस कब तक कर पायेगी, या फिर अन्य घटनाओं की तरह ये घटना भी ठंडे बस्ते में चली जायेगी।
रिपोर्ट- दीपक शर्मा

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