जनपद में जोड़तोड़ की राजनीति चरम पर

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रायबरेली। चुनावी महासंग्राम में जोड़ तोड़ की राजनीति अपने चरम पर पहुंच गयी है। इस चुनावी भागमभाग में कांग्रेस के हाथ एक ऐसा ब्राहृण नेता लगा है जिसका प्रचार प्रसार एक बड़े नेता के रूप में किया जा रहा है। लेकिन हकीकत लोग जानते है कि जो चुनाव में अपनी जमानत तक नही बचा सके वह किसी को क्या मजबूती देंगे। कांग्रेस के चाणक्य कहे जाने वाले कद्दावर नेता यह भूल रहे है कि जोड़तोड़ की राजनीति एक अलग बात है लेकिन जनता का आशीर्वाद प्राप्त करना कठिन कार्य है। कांग्रेस ने यूं तो जनपद के पांचो विधानसभाओं में ताल ठोक रखी है। लेकिन सदर विधानसभा छोड़कर बाकी सभी सीटों पर मुकाबला रोमांचक होने के कारण बाजी किसके हाथ लगेगी यह कहना मुश्किल है कि जीत का ताज किसके सिर पर रखा जायेगा। कांग्रेस में ताज शामिल हुए सत्यप्रकाश पाण्डेय हरचन्दपुर विधानसभा क्षेत्र से क्या गुल खिलायेंगे, यह तो समय ही बतायेगा। लेकिन सूत्रों से पता चला है कि इनकी कोई जमीनी हकीकत नही है। कही ऐसा न हो कि हरचन्दपुर विधानसभा चुनाव सपा प्रत्याशी के न होते हुए भी कांग्रेस के लिए टेढ़ी खीर हो जाये। सूत्र बताते है कि पाण्डेय जी सरजूपारी ब्राहृण है। क्षेत्र में इनकी संख्या न के बराबर है। चूंकि यह क्षेत्र कान्यकुब्ज ब्राहृणों का बताया जाता है, अच्छा होता कि इनका उपयोग कांग्रेस ऊंचाहार विधानसभा में करती, जिसमें इनकी संख्या काफी ज्यादा बतायी जाती। अवसरवादी लोगों से राजनीति में कितना भला होता है ये जनता बखूबी जानती है। जो मनोज द्विवेदी कांग्रेस का झंडा लिए आगे आगे नजर आते थे उन्होंने सिर्फ कांग्रेस से टिकट न मिलने पर भाजपा का दामन थाम लिया है। उनके सामाजिक कार्यों को देखते हुए उन्हें नजर अंदाज नही किया जा सकता है। जनता में उनकी छवि अच्छी बतायी जाती है। क्योंकि समय समय पर गरीब लड़कियों की शादियां और क्षेत्रीय लोगों के विकास के लिए अच्छे कार्य किये जाते रहे है।
रिपोर्ट – राजेश यादव

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