कारागार बना उपद्रवियों का अड्डा, जेल में चल रही है वर्चस्व की लड़ाई

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सुल्तानपुर (ब्यूरो)-  यहाँ का जिला कारागार जरायम की दुनिया का आज सबसे महफूज अड्डा बन गया है। यही वजह है जिसके कारण यह बड़े अपराधियों की शरणस्थली बन गया है। जिसमें पूर्वाचल का कुख्यात माफ़िया डाॅन प्रेम प्रकाश ऊर्फ मुन्ना बजरंगी भी सालों तक इस कारागार में बंद रहा जिसके चलते पूर्वांचल के कई अन्य शातिर अपराधीयों का जेल ट्रांसफर हुआ लेकिन इसकी असलियत कुछ हटकर रही, चूकी वह जेल ट्रांसफर नहीं बल्कि सत्ता की एक कद्दावर मोहतरमा की पैरवी की सिफटिंग का नतीजा था।

बताते चलें की कुछ वर्षों पूर्व जनपद के कादीपुर क्षेत्र के नूरपुर गांव में तीन व्यक्तियों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गयी जो कि जनपद का यह हत्याकांड तिहरे हत्याकाण्ड के नाम से जाना गया और इस हाई प्रोफाइल काण्ड का चेहरा बना पंकज सिंह व रिशू सिंह ऊर्फ दिव्यांश। जिसके बाद पंकज सिंह जरायम की दुनिया का बेताज बादशाह बन गया और शासन द्वारा पंकज के सर 50 हजार का इनाम रख दिया गया जिसके बाद हुई हैरतंगेज तरीके से पंकज की गिरफ्तारी हुई तो वहीं एक विभागीय उच्चयस्थ सूत्र की मानें तो सपा सरकार के एक कद्दावर मंत्री ने कराया था | पंकज को प्रतापगढ़ जनपद पुलिस के पास हाजिर और सर सजा ताज किसी दूसरे के चूंकि पंकज ठहरा जो 50 हजारिया । तो वहीं पंकज की टीम के ही 3 अन्य साथीयों पर भी 50 हजार का था इनाम सभी अन्य जेलों में हैं बंद ।

बताते चलें कि तिहरे हत्याकांड के आरोपी पंकज सिंह व रिशू सिंह कभी एक हुआ करते थे लेकिन किसी आपसी वजह को लेकर दोनों में मनमुटाव हो गया और आज वह मनमुटाव हिंसात्मक रुप धारण कर लिया । तो वहीं जेल के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो आज जेल में हुए इस उपद्रव की वजह जेल में अपनी सलतनत को कायम रखने को लेकर हुई है । वहीं ध्यान रहे कि जब रिशू का मतभेद हुआ तो वहीं रिशू को एक नई कम्पनी भी मिली और आखिरकार रिशू सिराज ग्रुप का एक अहम सदस्य बन गया । सिराज पर भी दर्जन भर आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं तो वहीं हाजी मुन्ने की हत्या के बाद सिराज ग्रुप की भी  बाज़ार गर्म हो गयी । और आज सुल्तानपुर जनपद के कारागार में दो गैंगेस्टर्स में वर्चस्व की जंग हो गयी और आखिरकार 2007 में हुए जेल कांड की यादें जेहन में ताजा हो गयी । फिलहाल घटनाक्रम की जानकारी होते ही क्षेत्राधिकारी नगर मुकेश मिश्रा के नेतृत्व में नगर कोतवाल , चौकी इंचार्ज गभड़िया संदीप राय , चौकी इंचार्ज सीताकुण्ड अमित कुमार , एसआई एसपी सिंह , एसआई प्रवीण सिंह , एसआई सीताराम यादव ( चौकी इंचार्ज ) मय पुलिस बल पहुंच कर स्थिति को काबू किया जिसमें पुलिस को हलका बल का प्रयोग करना पड़ा।

जेल में हुए इस तांडव में दल सिंगार नाम के कैदी को चोटे आई हैं । जिसके तहरीर पर नगर कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 176 / 17 धारा 323 , 504 , 506 के तहत रिशू सिंह , सिराज अहमद व नरसिंह समेत कई अन्य पर मुकदमा कायम किया गया है ।

बताते चलें की जेल सूत्रों का कहना है कि दो दिन पूर्व भी  जेल परिसर के अन्दर जमकर जूतम पैजार हुई थी जिसको समय रहते हुए नियंत्रण में किया जा चुका था जिसको लेकर जेल प्रशासन द्वारा कोतवाली नगर को एक तहरीर भेजी गयी थी । जिसके बावत जब जानकारी चाही गयी तो मामले को गोलमोल किया जाने लगा । अगर वक़्त रहते ऐसे प्रकरण पर फौरी कार्यवाही की जाती तो शायद आज इस भयावह काण्ड को होने से बचाया जा सकता था ।

कहने को करोड़ों के जैमर से सुशोभित है जिला कारागार लेकिन दिखावा भर साबित हो रहा जैमर बताते चलें की सुल्तानपुर की इस हाइप्रोफाईल जेल को करोड़ों की लागत से तैयार जैमर की सौगात दी गयी , शासन व सरकार की मंशा रही की अपराधी जेल से जरायम की दुनिया को बढा़वा ना दे सके , लेकिन शायद शासन व सरकार की लाख मंशा हो परन्तु जेल प्रशासन व जिला प्रशासन आखिरकार इन गैंगेस्टर्स के प्रति क्यों मेहरबान हो जाता है और करोड़ो की लागत से लगा जैमर शो – पीस बनकर रह जाता है । तो जिसके चलते हर आमों खास बंदियों को कुछ मासिक नजराने पर मोबाईल का उपभोग करने दिया जाता है । तो वहीं एक सवाल जो सबसे बडा़ उभर कर आता है कि जब जेलों में प्रशासनिक अमले की छापेमारी होती है तो आखिरकार ये मोबाईल फोन व आपत्तिजनक सामग्रीयों को कहां अंजाम दिया जाता है । फिलहाल युवा कप्तान के युवा अफसरानों की सूझबूझ से आज एक बडा़ हादसा होने से टल गया ।

रिपोर्ट- संतोष यादव

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