जागो लोगों मत सो, न कर नींद से प्यार

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मैनपुरी : नगर के रज्जोदेवी कबीर आश्रम पर संतसंग के दौरान महन्त श्री अमर साहेब जी ने कहा जागो लोगों मत सोबो न कर नींद से प्यार, जैसा सपना रात्रि का वैसा ये संसार। रात्रि को सोते हुये कोई सपना देखते है तो जागने पर वह सब झूठा स्वप्न लगने लगता है। इसी प्रकार जब आत्मा के तल पर जाग्रति हो जाते तो मन इन्द्रियों की गुलामी एवं सांसारिक प्राणी पदार्थों का सम्बन्ध सब झूठा लगने लगता है।

रज्जोदेवी कबीर आश्रम पर रविवार की दोपहर सैकड़ों की संख्या में उपस्थित भक्तजनों के बीच संतसंग के दौरान महन्त श्री अमर साहेब जी ने कहा कि मानव जागते हुये भी सो रहा है। वड़ी विडम्बना के क्योकि जितने भी संत महापुरूष आये वे स्वयं जागे और समाज को जगाने का काम किया। जगह-जगह उपदेश दिये आत्मा को मोक्ष का मार्ग बताया। मानव जाति को कर्म के साथ-साथ ईश्वर भक्ति का भी उपदेश दिया। मोह माया जाल में फसा मानव अपने को ही भूल बैठता है। मानव को जगाने के लिए ही इस संसार में संत महात्मा आते है। उन्होंने कहा कि मन जाये तहां जान दे दृण कर राख शरीर, रखी हुई कमान से निक्शत नाहीं तीर। इसी प्रकार जब आत्मा के तल पर जाग्रति हो जाते हो तो इन इन्द्रियों की गुलामी एवं सांसारिक प्राणी पदार्थो का संबंध झूठा लगने लगता है। इसके बाद ही हम व्यथित होकर परम शांति जीवन मुक्त स्थिति में विहार करते हुये पूर्ण जाग्रति हो जाते है।

रिपोर्ट – दीपक शर्मा

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