नशा के लिए पैसा न देने पर कलयुगी पुत्र ने की मां की हत्या

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गाजीपुर(ब्यूरो)- सैदपुर थाना क्षेत्र के सेहमलपुर बेलापर स्थित गांव में मंगलवार की सुबह कलयुगी पुत्र ने सिर्फ इस बात के लिए अपनी मां को जान से मार दिया कि उसकी मां ने उसे खाना देने में थोड़ी देर कर दी और उसे नशा करने के लिए रूपए नहीं दिए। घटना के बाद आस-पास के लोगों ने काफी मशक्कत के बाद उसे पकड़ लिया। वहीं 100 नंबर पीआरवी से पहले ही सैदपुर प्रभारी कोतवाल मौके पर पहुंच गए और हत्यारे पुत्र को गिरफ्तार कर लिया और कोतवाली लाई।

थानाक्षेत्र के बेलापर गांव निवासी हरिहर यादव की मौत करीब छह वर्ष पूर्व ही हो गई थी। तभी से उनकी विधवा उर्मिला यादव (55) अपने तीन पुत्रों के साथ रहती थी। वहीं तीन पुत्रियों की शादी हो चुकी थी। मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे उर्मिला का मंझला पुत्र सुनील खेत से धान रोपकर घर आया और उसने अपनी मां से खाना मांगा और इसके साथ ही उनसे रूपया भी मांगा। मां ने कहा कि खाना अभी दे रही हैं लेकिन नशा करने के लिए रूपया वो नहीं देंगी। इतना सुनते ही सुनील गुस्से से आग बबूला हो गया और वहीं पर रखे हुए पशुओं को बांधने वाले बांस के खूंटे से अपनी मां के सिर पर वार कर दिया और तब तक मारता रहा जब तक उसकी मौत न हो गई।

इधर घटना देखते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ये देख सुनील वहां से भागकर भूंसे के कमरे में छिप गया लेकिन लोगों ने किसी तरह से उसे बाहर निकाला और 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। जब तक 100 नंबर पीआरवी पहुंच पाती प्रभारी कोतवाल शैलेश यादव अपने साथ कांस्टेबल जय कन्नौजिया व सुरेश यादव संग मौके पर पहुंच गए और हत्यारे सुनील को पकड़ लिया और थाने लाए। वहीं शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

तीन भाई व तीन बहनों में सुनील दूसरे नंबर का था। सबसे बड़ा भाई संतराज उर्फ सोनू दिल्ली में ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन आॅफ इंडिया में काम करता है। वहीं सबसे छोटा भाई अनिल मां के साथ ही रहता है और नंदगंज में ट्रक मैकेनिक का काम करता है। तीनों छोटी बहनों की शादी हो चुकी है। शरीर से बेहद हट्टा कट्टा सुनील पूर्व में सेना में जाने के लिए खूब तैयारियां करता था और कई भर्ती भी देख चुका था लेकिन सफल न होने पर कुछ वर्षों पूर्व वो मुंबई चला गया और वहां पर उसे नशे की लत लग गई। इसके बाद वो 3 वर्ष पूर्व मुंबई से काम छोड़कर घर चला आया और यहां पर घरेलू काम करता था। काफी उच्च शिक्षा ग्रहण कर चुका सुनील नशे का इतना आदी हो चुका था कि वो आए दिन किसी न किसी से मारपीट कर लिया करता था। इसी वजह से कोई भी उससे बात नहीं करना चाहता था। यहां तक कि उसकी पत्नी सुनीता भी अपने दो बच्चों को लेकर काफी दिनों पूर्व अपने मायके चली गई है। इस बीच मंगलवार की सुबह में सुनील ने अपनी मां से पुनः रूपए की मांग की लेकिन मां के इंकार करने पर उसने वहीं रखे नुकीले खूंटे से मां के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। हालांकि उर्मिला की मौत मौके पर ही हो चुकी थी फिर भी परिजनों के कहने पर पुलिस शव को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आई जहां चिकित्सकों ने भी उसे मृत घोषित कर दिया।

इधर हत्या करने के बाद सुनील भूंसे के घर में छिप गया तो आस-पास के लोगों को उसे बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि दो चार लोगों को एक साथ संभाल पाने वाला सुनील बेरोजगारी व नशे के कारण मानसिक रूप से थोड़ा गड़बड़ हो गया था। बहरहाल घटना के बाबत मृतका के रिश्तेदार विमलेश यादव ने सुनील के खिलाफ कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।

घटना की जानकारी मिलते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गांव के साथ ही अंजान लोगों की भी भीड़ जुट गई। मामूली सी बात पर सगे पुत्र द्वारा मां की हत्या किए जाने के मामले को हर कोई जानने को इच्छुक दिख रहा था। वहीं पुत्र की इस नीचता पर हर कोई उसकी घोर भत्र्सना कर रहा था। कई ये भी कह रहे थे बेटे के नशे ने मां की ममता को अपने आगोश में ले लिया, जिसके कारण कलयुगी पुत्र ने मां की हत्या कर दी। उधर घटना की सूचना मिलते ही शरीफपुर निवासी मृतका के पैरों से दिव्यांग भाई कमला यादव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और अपनी बहन से लिपटकर बिलखने लगे। उन्हें रोता देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। वहीं उनके साथ आई महिलाओं के विलाप भी लोगों के दिल को झकझोर दिया।

रिपोर्ट- डॉ. विजय प्रकाश यादव

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