विश्व हिन्दी दिवस पर एनटीपीसी में कवि सम्मेलन

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रायबरेली : एनटीपीसी ऊॅंचाहार विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किये गये। प्रातः एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें सुल्तानपुर के साहित्यकार कमल नयन पाण्डेय ने हिन्दी की अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर दशा व दिशा पर व्याख्यान दिया।

श्री पाण्डेय ने कहा कि साहित्य और तकनीक दोनों की आज समान रूप से आवश्यकता है। साहित्य जहाँ सस्कारों तथा परिवारों को जोड़ता है वहीं तकनीक समग्र विकास के लिए आवश्यक है। इसके पहले परियोजना के समूह महाप्रबंधक विनोद चैधरी ने साहित्यकार का अंग वस़्त्र पहनाकर अभिनन्दन किया।

राजभाषा विभाग के सहायक प्रबंधक पवन कुमार मिश्रा ने विषय की प्रासंगिकता तथा कमल नयन पाण्डेय की पृष्ठभूमि से परिचित कराया। सायंकाल एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन समूह महाप्रबंधक ने किया। कवि सम्मेलन में परियोजना के कर्मचारियों ने भाग लिया। महेश चन्द्र गुप्त ने सरस्वती वन्दना पढी और अपने मुक्तक तथा व्यंग से श्रोताओं के ह्नदय तक उतर गये। सोमनाथ मिश्रा के सुरक्षा गीत जहाॅं सराहे गये वहीं माया बैरवान की पीर को खूब समर्थन मिला। गीतों के जादूगर आर. बी. वर्मा को जहा खूब सुना गया वहीं रामकृष्ण राजपूत के अंदाज को खूब दाद मिली। कार्यक्रम के संचालक आज्ञा शरण सिंह ने हिन्दी की वन्दना के साथ-साथ जीवन के अन्तर्दुन्द को इस तरह से उकेरा कि श्रोता समूह झूम उठा। गीत और गजलों की मलिका अतिया नूर की तरन्नुम भरी गजलों को खूब तालिया मिली। आर.पी.यादव की कविताओं को भी श्रोताओं ने प्रसन्द किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष विजय बहादुर घायल की रचना ने जहाँ महफिल को सजाया वहीं सी.एल सहाय ने माँ के रिश्ते को नये अंदाज में प्रस्तुत किया। इसके पहले सभी कवियों को समूह महाप्रबंधक ने अंग वस्त्र प्रदान किये। उप महाप्रबंधक मानव संसाधन राहुल शर्मा ने सभी का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी तथा यूनियन व एशोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

रिपोर्ट – राजेश यादव

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