कवियों ने जमकर बांधा समां, रात भर ठहाकों से गूंजता रहा पंडाल

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सुल्तानपुर (ब्यूरो)- राष्ट्रीय देशज कवि सम्मेलन व मुशायरे में दूर दराज से आये कवियों शायरो ने व्यंग्कार मुकुल महान के संचालन में अपनी रचनाए पढ़ी और रचनाओं के जरिए शृंगार, हास्य, ब्यंग, चुटकुलो की खूब फुलझड़ियां छोड़ी जिसका सभी ने खूब आनंद उठाया। कार्यक्रम का शुभारम्भ कवियत्री शिखा श्रीवास्तव की वाणी वंदना से हुआ | बार एसोशिएशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देर रात्रि तक श्रोताओं ने लुत्फ उठाया और वाह-वाह करते रहे।

आपको बता दें कि लखनऊ से पधारी श्रृंगार रस की कवियत्री शिखा श्रीवास्तव ने अपनी रचना पढ़ी “कभी काजल कभी पायल कभी कंगन बना लूँगी, कभी तेरी आँखों में देखूँगी तुझे दर्पण बना लूँगी ……..ये तेरी खुशियों का हर मंजर तो इसमे डूब जायेगा, जो इस नयनों के बादल को कभी सावन बना लूँगी” जिस पर खूब तालियां बजी लखनऊ से ही आये ओज कवि अभय सिंह ‘निर्भीक’ ने अपनी रचना “सच कहता हूँ कभी उठेगा, अलग देश का नाम नही, सेना पर पत्थर न होंगे खूनी होगी शाम नही, एक बार बस हिम्मत करके कानूनी पुस्तक में लिख दो, धारा तीन सौ सत्तर का है काश्मीर में काम नही” सुनाकर माहौल को गर्म किया।

मुम्बई से पधारे सागर त्रिपाठी ने माँ पर कविता सुनाकर खूब तालियां बटोरी “दिया जलने से पहले शाम को घर लौट आता हूँ, मुझे घर देखकर आँखों में माँ के दीप जलते है”। गीतकार डॉ सुरेश के “प्रेम को तुम प्रेम रहने दो, न बदलो वासना में, प्रेम का असितत्व ही मिट जायेगा | इस कामना में” गीत पर लोग झूम उठे कवि डॉ डी एम मिश्र ने” बोझ धान का लेकर वो जब हौले हौले चलती है धान की बाली कान की बाली दोनों संग संग बजती है” सुनाकर खूब तालियां बटोरी |

डॉ मन्नान सुल्तानपुरी का “बैग में बचपन की यादें अपना चेहरा रख दिया, सिर्फ दो कपड़े कहे थे माँ ने क्या क्या रख दिया”शेर भी सराहा गया। वही लखनऊ से आये वाहिद अली वाहिद, इलाहाबाद से आई सुनयना त्रिपाठी, कानपुर से अंसार कंबरी, फैजावाद से ताराचंद तनहा, अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, खीरी से आये फारूक सरल, सहित कवियों शायरो ने भी अपनी रचनाए पढ़ी जो सराही गई।

इसके पूर्व कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बार एसोशिएशन की प्रदेश उपाध्यक्ष सुश्री दरवेश सिंह के साथ ही कवियों व कई वरिष्ठ जनो को आयोजन समिति की तरफ से सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर बार एसोशिएशन अध्यक्ष अरुण उपाध्याय पूर्व अध्यक्ष नरोत्तम शुक्ला करुणा शंकर द्विवेदी नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल भाजपा नेत्री पूजा कसौंधन अधिवक्ता व रालोद के जिलाध्यक्ष बेलाल अहमद पूर्व मंत्री शैलेन्द्र त्रिपाठी जिला शासकीय अधिवक्ता ज्ञानप्रकाश यादव रामसुख यादव सहित सैकड़ो श्रोताओ ने कवि सम्मेलन का लुत्फ उठाया।कार्यक्रम की अध्यक्षता मुम्बई से पधारे कवि/शायर सागर त्रिपाठी ने व संचालन लखनऊ से पधारे व्यंग्कार मुकुल महान ने किया।

रिपोर्टं- संतोष यादव
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