पं. सूर्य नारायण शुक्ल की पुण्य तिथि पर परिमल वाटिका सिकन्दरपुर कर्ण में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन

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बीघापुर (उन्नाव ब्यूरो) : बैसवारा विकास संस्थान उन्नाव द्वारा कवि, उपन्यासकार पं. सूर्य नारायण शुक्ल की पुण्य तिथि पर परिमल वाटिका सिकन्दरपुर कर्ण में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन का शुभारम्भ माँ वागेश्वरी व शुक्ल जी की प्रतिमा पर दीप पुष्प अर्पित कर देश की खुबसूरत कवित्री नैनीताल की गौरी मिश्रा की वाणी वन्दना से हुआ। उन्होंने पढ़ा- शब्द को संवार दे, अर्थ को निखार दे, पंक्तियों को प्यार दे, दुष्टता को मार दे आज माँ सरस्वती। साथ ही गीत पढ़ा कि जब सांसों में चंदन महके, रातों में अंगारे दहकें, हवा नशीली लजवन्ती सी, हौले हौले धड़कन बहके, ऐसे में अधिकार ज़रा सा कर लेना, तब तुम मुझको प्यार ज़रा सा कर लेना। इस गीत पर खूब तालियाँ बटोरीं।


इसके बाद कुशी नगर से आए राजेश राही ने अपनी ग़ज़लों से सभी को मंत्रमुग्ध किया “कुछ हसीन चेहरे भी अब पाबंद होने चाहिए, ये नज़र के कत्लखाने बन्द होने चाहिए । बनारस से आये व्यंग्य के यूवा हस्ताक्षर ब्रजेन्द्र दमदार ने पढ़ा – निकला कहाँ से था कहाँ आ गया हूँ, उस दिलरुबा के प्यार में पगला गया हूँ। वहीं लखनऊ से आयीं नवोदित कवित्री कु.अंशु प्रिया ने अपने मखमली कंठ से सुंदर गीत पढ़े, कि सत्य भी है शिव भी है और यही सुंदर है, एक तुम्हारी मूरत जो मेरे मन के अंदर है, गीत अपनी खशबू के तुम पे वार जाऊंगी, आज मेरी आँखों में प्यार का समंदर है। वहीं म. प्र. से पधारे गोविन्द राठी ने अपनी चिंतनशील व्यंग्य रचनाएं पढ़ीं जो खूब सराही गयीं, कि बड़ी ज़ालिम हैे दुनिया बेटियों को रोक लेती है, तुम्हारा जन्म ही तब तय जब बेटी कोख लेती है। अपनी विशेष गीत विधा के लिए पहचाने जाने वाले डॉ.विष्णु सक्सेना के गीतों पर श्रोता जमकर झूमे।उन्होंने पढ़ा- तू जो ख्वाबों में आ जाए तो मेला कर दे,ग़म के मरुथल में भी बरसात का रेला कर दे,याद वो है ही नहीं आये जो तन्हाई में,तेरी याद आये तो मेले में अकेला कर दे।सम्मेलन का ओजश्वी संचालन कर रहे डॉ.राहुल अवस्थी ने पढ़ा-पानी-पानी कर दी पहाड़ी ग़ुलामी की ऐसी
पावन जवानी की रवानी को भी क्या दिया
जिया भी आज़ाद जो कि मरा भी आज़ाद ऐसे
शेखर समान स्वाभिमानी को भी क्या दिया
पथरायी आँखों से जो वक़्त को निहारती थी
ऐसी उस धैर्य की निशानी को भी क्या दिया
शेखर को छोड़िए, हमें ये बतलाइए कि शेखर की माता जगरानी को भी क्या दिया। कार्यक्रम में विख्यात मिश्रा, रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी ‘प्रलयंकर’ ,कमलेश शुक्ला, के डी शर्मा ‘हाहाकारी’ ,कमलेश राजहंस सोनभद्र, रियाज़ सफीपुरी,डॉ.मान सिंह ने भी काव्य पाठ किया।

कार्यक्रम में मोहान विधायक ब्रजेश रावत, पूर्व विधायक सुंदरलाल लोधी, अरुण दीक्षित, नीरज बाजपेयी,अजय बाजपेयी, शत्रुघ्न सिंह सहित बहुत से भाजपा नेता मौजूद रहे।कार्यक्रम का संयोजन वरेण्य रचनाकार सुरेश फक्कड़ ने किया,अध्यक्षता स्वामी भाष्कर स्वरूप जी ने की।समापन पर संस्थान के अध्यक्ष आशुतोष शुक्ल ने सभी का आभार प्रगट किया।

रिपोर्ट – मनोज सिंह

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