कीनन-रूबेन हत्याकांड के चारों दोषियों को मिली उम्रकैद की सजा, 5 साल में आया फैसला

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मुंबई- मुंबई की एक विशेष अदालत ने 2011 में मुंबई के अँधेरी में हुए कीनन-रूबेन हत्याकांड के सभी दोषियों को आज उम्रकैद की सजा सुना दी है | सबसे बड़ी बात यह भी है कि इस बार इस केस में वही हुआ है जो पीड़ित पक्ष चाहता था | कीनन के पिता की खुद भी यही इच्छा थी कि उनके बेटों के हत्यारों को फांसी की सजा न हो बल्कि उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई जाय जिससे जीवन भर उन्हें हमारे दर्द का एहसास हो सके |

लड़कियों को छेड़छाड़ से बचाने के चक्कर में हुई थी हत्या –
कीनन और रुबेन की हत्या तब हुई थी जब वे अपनी कुछ महिला साथियों को कुछ गुडों से बचाने की कोशिश कर रहे थे | प्राप्त जानकारी के आधार पर बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना तब हुई थी जब कीनन सैंटोस और रूबेन फर्नांडिस अपने कुछ दोस्तों के साथ जिनमें कि कुछ महिलाएं भी थी के साथ मुंबई अँधेरी ईस्ट के पास एक रेस्टोरंट में डिनर करने के लिए गए थे | उसी समय जब ये सभी खाना खाने के बाद पास की एक एक पान की दूकान पर खड़े थे तभी लड़कों के एक झुण्ड ने उनकी महिला मित्रों के साथ बदसलूकी शुरू कर दी थी जिसका विरोध करने के लिए कीनन और रूबेन आगे आये थे |

उस समय तो लड़के वहां से चले गए थे लेकिन कुछ देर बाद वे लड़के अपने 10-11 और दस्तों के साथ वहां पहुँच गए जिसके बाद कीनन और रूबेन के ऊपर चाकुओं से तथा डंडों से प्रहार करना शुरू कर दिया था | चाकू लगने से कीनन की मौत तो मौके पर ही हो गयी थी जबकि रूबेन अस्पताल में 10 दिनों तक चले इलाज के बाद दम तोड़ दिया था |

पूरे मुंबई में इस हत्या से फ़ैल गया था रोष –
जब वर्ष 2011 में मुंबई ये दोहरा हत्याकांड हुआ था तब पूरे मुंबई में इसके खिलाफ रोष ब्याप्त हो गया था और सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक हर जगह लोग कीनन और रूबेन के समर्थन में आ गए थे | पुलिस ने भी इस मामले की गंभीरता को समझते हुए सभी आरोपियों को कुछ ही दिनों में गिफ्तार कर लिया था | इन सभी में से कोर्ट ने चार जितेंद्र राणा, सुनील बोध, सतीश दुल्हज और दीपक तिवाल को मुख्य आरोपी मानकर मुकदमा दर्ज किया गया था | पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में 416 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया था | इन चारों के खिलाफ हत्या, हत्या का षड्यंत्र रचने और छेड़खानी का आरोप लगाया गया था |

फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा –
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने इस मामले को सीधे फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में डाल दिया था | फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट के चलते भी इस मामले में फैसला आने में 5 साल का वक्त लग गया | मामले में कुल 30 लोगों की गवाही हुई है लेकिन इस मामले में सबसे अहम् गवाही उस लड़की की साबित हुई है जिसके साथ छेड़छाड़ हुई थी | अदालत ने आज सभी दोषियों को सभी मामलों में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुना दी है |

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