ऑड-ईवन फार्मूले को सफ़ल बनाने के लिए केजरीवाल सरकार ने खर्च कर डाले 20 करोंड

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नई दिल्ली- दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने 1-15 जनवरी तक चलने वाले ऑड-ईवन फॉर्मूले को सफल बनाने के लिए 20 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं। इन सबसे सबसे ज्यादा रकम पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ाने के लिए किराये की बसों में खर्च हुई है।

बताया जा रहा है कि इन किराये की बसों पर 14 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुए है, जबकि 3.5 करोड़ रुपये नागरिक सुरक्षा के लिए वॉलंटियर्स पर खर्च किए गए हैं।

दिल्ली सरकार के सूत्रों की माने तो अन्य चार करोड़ रुपये इस स्कीम के विज्ञापन पर खर्च हुए हैं, वहीं 3 करोड़ रुपये इसके प्रमोशन तो एक करोड़ रुपये थैंक्सगिविंग विज्ञापन पर खर्च हुए हैं।

शुरुआत में प्रिंट, टेलिविजन, रेडियो और होर्डिंग के विज्ञापन के जरिये बड़े पैमाने पर पैसे खर्च किए गए। पूरी दिल्ली में 15 दिनों के लिए विज्ञापन के लिए जगह की बुकिंग की गई थी। एक अधिकारी ने बताया कि जागरूकता पर कुल 3 करोड़ रुपये खर्च हुए।

सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स ट्रैफिक पुलिस को मदद कर रहे थे और बसों के बाद सबसे बड़ी रकम इन्हीं पर खर्च हुई है। एक अधिकारी ने बताया कि 5,000 वॉलंटियर्स को लगाया गया था और प्रत्येक को 13 दिनों तक हर दिन 500 रुपये का भुगतान किया गया।

डीटीसी को 1,200 बसों से हर दिन 23 लाख रुपये की कमाई हुई जो कि कुल 3.5 करोड़ रुपये तक गई। सरकार को दो करोड़ रुपये चालान से मिले।

सूत्रों के अनुसार, ऑपरेटरों को ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा भुगतान किया जाएगा। दूसरी तरफ, सरकार के सूत्रों का कहना है कि विज्ञापन पर खर्च करना जरूरी था क्योंकि यह स्कीम पहली बार लागू की जा रही थी और लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए यह जरूरी था।

दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ‘दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (डीटीसी) ने 1,200 अतिरिक्त बसों को किराये पर लिया था।

इन बसों को 42 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से रखा गया था। डीटीसी ने कहा था कि कम से कम एक दिन में वह 225 किलोमीटर का भुगतान करेगा।’ आपको बता दें कि ऑड-ईवन फार्मूला रविवार को लागू नहीं होता था।

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