केजरीवाल ने जनलोकपाल नहीं महाजोकपाल बनाया है – प्रशांत भूषण (वरिष्ट अधिवक्ता)

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दिल्ली- आम-आदमी पार्टी के संस्थापक संदस्यों में से एक और बाद में आम आदमी पार्टी से अलग हुए वरिष्ट अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने आज अपने पूर्व सहयोगी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दिल्ली में जनलोकपाल लाने को महाजोकपाल बताया है I

प्रशांत भूषण जब से दिल्ली से सरकार से अलग हुए थे तब से ही दिल्ली सरकार के क्रियाकलापों पर प्रश्नचिन्ह लगाते रहे है और उसीक्रम में उन्होंने दिल्ली सरकार के द्वारा लाये गए जनलोकपाल बिल को भी महाजोकपाल बताया है I प्रशांत भूषण ने आज इसी मुद्दे पर सुबह-सुबह ही प्रेस कांफ्रेस करके यह बताया कि जो जनलोकपाल बिल अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार सोमवार को विधानसभा में पेश करने वाली है वह वैसा जनलोकपाल बिल नहीं है जैसा कि हमनें (अन्ना,प्रशांत,अरविंद और साथियों) ने मिलकर अन्ना के आंदोलन के समय पर बनाया था I

प्रशांत भूषण ने केजरीवाल और उनकी सरकार के ऊपर तीखा हमला बोलते हुए एक के बाद एक कई आरोप लगाये है –

प्रशांत भूषण ने कहा है कि अन्ना हजारे ने जो आंदोलन किया था वह एक स्वतंत्र लोकपाल के लिए किया गया था I उस जन लोकपाल बिल में लोकपाल को सरकार से स्वतंत्र रखा गया था जो कि यहाँ पर नहीं है I
 

प्रशांत ने अपने अगले आरोप में कहा है कि चूँकि इस सरकार को वही लोग चला रहे है जो कि अन्ना हजारे के आंदोलन से निकले हुए थे इसलिए जनलोकपाल बिल अभी तक आ जाना चाहिए था जोकि नहीं हुआ I उस बिल को आने में 9 महीने का बड़ा वक्त लग गया है I

 
प्रशांत भूषण ने यह भी आरोप लगाया है कि इस जनलोकपाल बिल की प्रति मुझे बड़ी मुश्किल से मिली है आखिर जब यह पूर्णतः ठीक है तो इसे छुपाया क्यों जा रहा है I

 
प्रशांत भूषण ने कहा है कि तब जब अन्ना हजारे आंदोलन कर रहे थे तब एक एक ड्राफ्टिंग कमेटी का गठन किया गया था जिसके मेंबर हम 5 लोग थे ( संतोष हेगड़े, केजरीवाल, अन्ना और प्रशांत, योगेन्द्र यादव ) उस कमेटी में कहा गया था कि लोकपाल को हटाने का अधिकार किसी भी राजनैतिक व्यक्ति के पास नहीं होगा लेकिन इस लोकपाल में यह सब सरकार और नेताओं के हाथ में दे दिया गया है I

प्रशांत भूषण ने कहा है कि उस लोकपाल बिल में लोकपाल हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की कमेटी की सिफारिश होनी चाहिए थी उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोकपाल में भी यही था कि सरकार का सिर्फ एक ही आदमी होगा लेकिन लेकिन इस लोकपाल में नियुक्ति से लेकर उस पर नियंत्रण और उसे हटाने तक सब कुछ सरकार के हाथ में दे दिया गया है I

प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया है कि इस सरकार ने एक ऐसा लोकपाल बनाया जो पूरी तरह से सरकार के कब्जे में काम करेगा I इस लोकपाल में चार में से तीन लोग सरकार होंगे और इतना ही नहीं इस बिल में लोकपाल को दो तिहाई बहुमत से हटाने का अधिकार भी दे दिया गया है I

प्रशांत भूषण ने कहा है कि लोकपाल बिल में ऐसा प्रावधान रखा गया है कि दिल्ली का लोकपाल केंद्र के किसी भी अधिकारी की जांच कर सकता है और उन्होंने कहा कि यह केजरीवाल की केवल एक चाल है ऐसा उन्होंने इसलिए किया है क्योंकि उन्हें यह पता है कि ऐसा करने से केंद्र कभी भी इसे पास नहीं करेगा I उन्होंने यह भी कहा है कि केजरीवाल का अब एक स्वतंत्र लोकपाल नियुक्त करने का कोई इरादा भी नहीं है I

प्रशांत भूषण ने केजरीवाल के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा है कि अब केजरीवाल का रुख पूरी तरह से बदल गया है अब इनका दिमाग इस कुछ इस तरह से हो गया है कि अब तो हम सत्ता में आ गए है और वह किसी के प्रति अपनी जवाब देहि नहीं चाहते है I उन्होंने यह भी कहा है कि उस आन्दोलन में जितने भी लोग केजरीवाल के साथ थे उन सभी के साथ केजरीवाल ने धोखा किया है I

प्रशांत के आरोपों पर आम आदमी ने किया जबरदस्त पलटवार –

प्रशांत भूषण के प्रेस कांफ्रेस करने के तुरंत बाद से ही आम आदमी पार्टी के नेताओं की सख्त से सख्त प्रतिक्रियायें आने लगी है I आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष ने एक के बाद एक ट्विट करके वरिष्ट अधिवक्ता के ऊपर कई संगीन आरोपों की झड़ी कर दी है I आशुतोष ने कहा है कि प्रशांत बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे है I

 

 

 

आम-आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने भी ट्विट किया और कहा है कि जनलोकपाल विधेयक बिलकुल वैसा ही लाया जाएगा जैसा कि रामलीला मैदान में सभी के बीच तय किया गया था उन्होंने कहा है कि उस जनलोकपाल और इस जनलोकपाल में एक फुल स्टॉप और कॉमा का भी परिवर्तन नहीं किया जाएगा I

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