केतकी को भाजपाइयों ने सिर आंखों पर बिठाया

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बलिया : भारतीय जनता पार्टी में पुनः शामिल होकर रविवार को पहलीबार बलिया आई फायर ब्रांड नेत्री श्रीमती केतकी सिंह का भाजपाईयों ने जोरदार स्वागत किया। जैसे ही भाजपा नेत्री वश्रीमती सिंह लखनऊ छपरा एक्सप्रेस से नीचे उतरी पार्टीजनों ने उन्हें सिर आंखों पर बिठा लिया और फूल मालाओं से लाद दिया। केतकी ने भी जनभावनाओं का सम्मान करते हुए कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार करते हुए खुली जीत में बैठकर नगर भ्रमण पर निकल पड़ी। नगर में उनके स्वागत के लिए जगह-जगह जगह तोरण द्वार बनाए गए थे। इसके अलावा शहरवासियों द्वारा। भाजपा नेत्री श्रीमती सिंह के ऊपर पुष्पों की वर्षा भी की जा रही थी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि केतकी की घर वापसी से भाजपाईयों में किस कदर उत्साह रहा।नतीजतन समूचा शहर भगवाधारियों से पटा नजर आया। सुबह से ही स्टेशन परिसर में भाजपाईयों की लगी थी जिससे मुसाफिरों को भी खासी परेशान नहीं जाना करना पड़ा।

बता दें कि वर्ष 2017 में सम्पन्न हुए चुनाव के दरमियान टिकट न मिलने से नाराज केतकी ने पार्टी के दिशा निर्देशों के विरुद्ध बॉस डी विधानसभा से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, जिससे नाराज होकर भारतीय जनता पार्टी के आलाकमान ने केतकी को पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया था। इसके बाद से ही केतकी राजनीतिक रूप से वनवास काट रही थी। हालांकि राजनीतिक पंडितो द्वारा अक्सर यह अटकलें लगाई जाती रही थी। भाजपा में केतकी की वापसी जल्द ही होगी। लेकिन इसे मूर्त रूप लेने में तकरीबन 2 साल का समय लग गया। बहरहाल देर आए दुरुस्त आए दर्ज पर हुई भाजपा नेत्री की घर वापसी ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नई जान फूंक दी है।

तो क्या भाजपा के ब्रह्मास्त्र बनी केतकी
प्रदेश की योगी सरकार में रहते हुए आये दिन सरकार के लिए समस्या खड़ी करना और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने के कारण भाजपा अलामान के लिए समस्या बनकर उभरे सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के व्यंग्य बाणों को रोकने में भाजपा के सभी धुरंधर असफल साबित हो रहें थे, जिससे पार्टी नेतृत्व चिंतित व परेशान था। उसे ऐसे ब्रह्मास्त्र की खोज थीं, जिसके नाममात्र से कबीना मंत्री ओमप्रकाश राजभर की बोलती बंद हो जाये। वह केतकी ही थी, जो पार्टी हाईकमान के सारे मानकों को पूरा करती थी। बस फिर क्या था पार्टी नेतृत्व ने घर वापसी के फैसले को हरी झंडी दे दी।

गौरतलब है कि बीते विधानसभा चुनाव के दरमियान बांसडीह विधानसभा से चुनाव लड़ रहे हो ओम प्रकाश राजभर के पुत्र सुनील राजभर को चुनाव हराने में केतकी की अहम अहम् भूमिका रही थी। जिसे ओमप्रकाश राजभर ने खुलेआम स्वीकारा भी था।

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