ग्राम आठपुरा में भटक रहे हैं सुपात्र, केवल रसूकदारों को ही मिल रहे आवास

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कुरावली/मैनपुरी(ब्यूरो)-  मोदी सरकार असहाय व गरीबों के लिए आये दिन नई-नई योजनायें चला रही हैं लेकिन सरकार द्वारा चलाई जा रही इन सहायतार्थ योजनाओं का लाभ कितने पात्रों को मिल पाता है इसका अंदाजा लगाना मुश्किल तो क्या नामुमकिन साबित होता जा रहा है। सरकार गरीबों के लिए योजनायें तो निकाल रही है लेकिन जो सुयोग्य पात्र है वह अक्सर उसके अछूते रह जाते हैं। और साथ ही साथ जो इन योजनाओं के योग्य नहीं हैं वह अवैध तरीके से लाभ उठा रहे हैं।

जैसा कि विदित है कि आये दिन केन्द्र सरकार अपनी योजना प्रणाली में विस्तार करते हुए गरीबों एवं असहायों के लिए योजनायें निकाल रही है। साथ ही देखा जायें कि कुरावली तहसील में शिकायतों का तो अम्बार लगा हुआ है, लेकिन इन शिकायतों की सुनवाई होती है तब दबंग प्रधानों व ग्राम विकास अधिकारीयों के आकाओं का फरमान आ जाता है और बिना जांच किये ही उन शिकायतों को दबा दिया जाता है। ऐसा ही एक एक मामला कुरावली विकास खण्ड क्षेत्र के ग्राम आठपुरा का प्रकाश में आया है। जहां ग्राम निवासी खरगजीत अपने परिवार के पांच सदस्यों के साथ एक झोपड़ी डालकर रहता है। जिसके पास न तो कोई खेती है और न कोई व्यवसाय। खरगजीत मेहनत मजदूरी करके अपना जीवकोपार्जन कर रहा है। जिसने कई बार ग्राम प्रधान व अन्य ग्राम विकास अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही आवास योजनाओं के लिए मांग की। किन्तु गांव के प्रधान की दबंगई के चलते वह योजनाओं से वंचित ही रहा। साथ ही साथ गांव के अन्य लोग भी ऐसे हैं जो सरकार के द्वारा ग्रामीणों के लिए चल रही योजनाओं से वंचित हैं।

गांव के रामसनेही, किताबश्री, ध्यानपाल, प्रेमपाल, सर्वनाम सिंह, मचले, हरवेन्द्र सिंह, संतोष कुमार, दलवीर सिंह, रामबेटी, महावीर, रामविलास, नरेश, दालचंद्र, रनवीर, रामेश्वर का आरोप है कि गांव का प्रधान हवल्दार सिंह गांव में अपनी दबंगई के चलते अपने चहेतों को योजनाओं का लाभ दिलाता है। बाकी अन्य सभी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। गांव के लोगों ने प्रधान के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही कर जांच करने की मांग की है।

रिपोर्ट- दीपक शर्मा 

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