खनिज मंत्री के रिश्तेदारों के आगे नतमस्तक हुआ खनिज विभाग


महोबा (ब्यूरो) यूपी सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ की तमाम कोशिशों के बाद भी उनके मंत्री अपने चहेतों को लाभ पहुँचाने से बाज नहीं आ रहे है जनपद महोबा में जहाँ रॉयल्टी के लिए मारामारी मची हुई है वही मंत्री जी के रिस्तेदारो का दबदबा इस कदर कायम है कि बिना पहाड़ पट्टा के बाद भी इनको रॉयल्टी खनिज विभाग से उपलब्ध हो जाती है खनिज पट्टा तो इनके नाम नही हो पाए लेकिन चार पहाड़ो की के नाम से इनको रॉयल्टी मिलती है उनमें वर्तमान में काम भी बंद है, लेकिन कहावत है कि जब सइंया भये कोतवाल तो फिर डर काहे का नवागंतुक खनिज के आने से गैर कानूनी रायल्टी में लगाम लगने की फिर उम्मीद जागाई जा सकती है।

बता दें कि ऐसा कभी नहीं हुआ जो अब हो रहा है जिस प्रकार खनिज रायल्टी का रेट मे असीमित बढ़ोतरी देखी जा रही है रायल्टी निकासी मूल्य से तीन गुना से ज्यादा को बिकने मे आमदा है और इसी हाल का फायदा उठा रहे कुछ सरकार के मन्त्री से जुडे सम्बन्धी जिनके पास पहाड़ पट्टा भी नहीं है लेकिन सह से उन्हें कुछ पट्टे धारक द्वारा मिल रही है रायल्टी जब की उनके पहाड बन्द है जिनके नाम वह रायल्टी निकाल रहे है उनमे खनन ही नहीं हो रहा फिर भी उनकी चाल कायम है और दनादन निकाली जा रही है खनिज रायल्टी। कुछ लोगो ने तो अति कर दी इसी का फायदा उठा बाहर कर रहे नौकरी भी छोडकर खनिज रायल्टी के बेचने के धन्धे मे लग गऐ क्योंकि यहाँ वह इस तरह लाखों का गेम कर रहे है क्योंकि ऐसा मौक़ा व सम्बन्धी बार बार थोड़ी ही मिलता है।लेकिन खनिज रायल्टी का रेट इस सरकार मे इतना बढ जाऐगा यह किसी ने नहीं सोचा था यह तो एक तरह से किसी करिशमे से कम नहीं। अब सवाल यह उठ रहा है की रेट मे आखिरकार इतनी बढ़ोतरी क्यों ? और कब तक ? यह नियम है या फिर कोई चाल। आखिरकार इस बढते रेट पर कब लगाम लगेगी या फिर इस तरह के सपोर्ट मे कुछ लोग बिना पहाड़ पट्टा न होने पर भी खनिज रायल्टी निकालने का खेल चलता रहेगा। यह सरकार के समाने खनिज रायल्टी के रेट की बढ़ोतरी एक चुनौती है।।

रिपोर्ट – प्रदीप मिश्रा

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