खुले में शौच मानसिक बीमारी है -जिलाधिकारी

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आरा/भोजपुर(ब्यूरो)- भोजपुर के जिलाधिकारी संजीव कुमार ने स्व्च्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कर सम्बोधित करते हुए कहा कि खुले में शौच करना एक मानसिक बीमारी है | इससे मुक्ति पाने के लिए व्यवहार में परिवर्तन लाना जरुरी है |

जिलाधिकारी ने कहा कि शौचालय घर में होना चाहिए, शौचालय  निर्माण की तकनीकी, लागत , जनजागरूकता , मोनिटरिंग तंत्र, स्व्च्छता केंद्र, कंट्रोलरूम, दस्तावेजी करण, विहित प्रपत्र में रिपोर्टिंग आदि विन्दुओं पर जानकारी पंचायत प्रतिनिध, सरकारी कर्मियों एव अधिकारिओ को दी|

शौच से मुक्ति पाने के लिए घर घर जा कर लोगो को बताये दिवालो पर लेखन करे, फ्लेक्स लगाए, संगोष्ठी करें स्व्च्छता पर आधारित वीडियो द्वारा लोगो को बताये कि खुले में शौच से बीमारी होती है | जिलाधिकारी ने कहा कि सबकी सहभागिता एव सहयोग अपेक्षित है ताकि जिला के हरेक पंचायत, वार्ड एव गाँव को खुले में शौच से मुक्त बनाया जा सके |

घर में शौचालय परिवार के समान, सुरक्षा, स्वास्थ्य संरक्षण एव गौरव का प्रतिक है|  विशेषकर महिलाओं कि सुरक्षा एव समान में वृद्धि होती है| कार्यशाला में डायरेक्टर डी आर डी ए राजेश कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी नवदीप शुक्ला, जिला जन संपर्क पदाधिकारी प्रमोद कुमार एव अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे |

रिपोर्ट – आर. एस. प्रसाद 

 

 

 

 

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