कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय

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देहरादून (ब्यूरो)- नवनियुक्त कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को बधाई देते हुए पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि मेरा सौभाग्य रहा की उनके पिता गुलाब सिंह के साथ मुझे काम करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में सोनिया गांधी ने प्रीतम सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपी है, मैं और सभी कांग्रेस जनों की और से बधाई देता हूं। किशोर उपाध्याय भी कांग्रेस का सिपाही था।

कांग्रेस की करारी हार से कार्यकर्ताओं के गिरे हुए मनोबल को बढ़ाते हुए उपाध्याय ने कहा कि 2000 में जब राज्य बना, तब कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं था और हरीश रावत को प्रदेश की बागडोर सौंपने के साथ ही इंदिरा ह्रदयेश को प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी दी थी। आज हमारे 11 विधायक हैं, और मैं सभी को बधाई देता हूं ।

वर्ष 2000 की याद दिलाते हुए किशोर ने कहा कि जब हम एक होकर खड़े होते हैं तो कांग्रेस के लिए भाजपा या अन्य दल कोई चुनौती नहीं है । अगर हम एक साथ खड़े हो गए तो चाहे निकाय चुनाव हो, 2019 का लोक सभा चुनाव हो और चाहे 2022 के विधान सभा चुनाव हो, कांग्रेस को कोई हरा नहीं सकता।

1978 से मैं कांग्रेस की सेवा कर रहा हूं, खुशी है कि प्रीतम सिंह कार्यकर्ता के कार्यकर्ता हैं। जब प्रीतम सिंह ब्लॉक अध्यक्ष थे, तब मैं चकराता गया था। उनको सोनिया गांधी ने अध्यक्ष बनाया था। मैं तो उससे भी कमजोर पृष्ठभूमि का व्यक्ति हूं, मेरे पिता गांव के किसान थे और हल चलाते थे।

ऐसे व्यक्ति को चार बार विधानसभा का टिकट दिया और प्रदेश का मुख्य कार्यकर्ता की जिम्मेदारी दी। उपाध्याय ने कहा कि मैं प्रीतम सिंह को विश्वास दिलाता हूं, किशोर उपाध्याय आपके हर संघर्ष में साथ खड़ा रहुंगा। कांग्रेस के लिए भाजपा चुनौती होती है।

अगर भाजपा में ताकत होती, तो वह दल-बदल का घृणित कार्य न करती। हम तो अपने विभीषणों से हारे हैं, हम अपने अहंकार से हारे हैं, कांग्रेस का कार्यकर्ता पार्टी को कभी हरा नहीं सकता। जब सरकार गिराने की कोशिश की गए, बताने को मेरे पास शब्द नहीं है। मुझे आज इस बात का अफसोस नहीं है कि हमारी सरकार नहीं बनी।

मुझे दुःख है जब कांग्रेस कार्यकर्ता ने यह तय कर लिया था की मैं भाजपा को चबा जाऊंगा, यहां कहीं न कहीं कमी किशोर उपाध्याय की रही जो हम कार्यकर्ता की भावना की रक्षा नहीं कर पाए। जिसका परिणाम यह है की आज कांग्रेस के 11 विधायक हैं।

मैं क्षमा चाहता हूं कार्यकर्ताओं से, जो जिम्मेदारी मेरी थी मैं उनकी भावनाओं की रक्षा करने की। मैं आप सभी से माफी मांगता हूं की, मैं आपकी भावनाओं की रक्षा नहीं कर पाया। मुझे पूरा भरोसा है की आप इस किशोर को माफ करेंगे। किशोर उपाध्याय कभी हार नहीं मानता, मैं तो चुनाव भी नहीं लड़ना चाहता था। पार्टी ने आदेश किया आपको चुनाव लड़ना है और यहां से लड़ना है।

कांग्रेस प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि एक प्रवृत्ति होती है, जब कोई सत्ता में होता है तो वह मदांध हो जाता है। भाजपा सरकार ने किसी भी कांग्रेस कार्यकर्ता के साथ सरकार ने मदांध होकर उसके हितों पर चोट की तो, हरीश रावत, प्रीतम सिंह से लेकर हम सारे लोग अपने परिवार के साथ खड़े होंगे।

किशोर ने प्रीतम के जुलूस में शामिल न होने पर माफी मांगते हुए कहा कि मैंने समय पर पहुंचने की बहुत कोशिश की। लेकिन पहुंच नहीं पाया। क्योंकि राहुल गांधी ने एक छोटा सा काम उत्तर प्रदेश में दिया है, वहां एक बैठक थी, मुझे वहां जाना पड़ा और लखनऊ से आने में मुझे विलंब हो गया।

उपाध्याय ने कहा कि प्रीतम सिंह के अध्यक्ष बनने से पहले मुझे राहुल गांधी का फोन आया और राहुल गांधी ने कहा कि हम इस तरह का निर्णय ले रहे हैं और किशोर उपाध्याय मेरी आज्ञा है, कि तुम्हें प्रीतम का दांया हाथ बन कर उनके साथ काम करना है। प्रीतम सिंह को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि मैं आपके साथ एक कार्यकर्ता की तरह पार्टी के लिए काम करूंगा।

आप इस बात का विश्वास राहुल गांधी को मेरी ओर से दिलाइएगा। किशोर ने कहा कि मैं शपथ लेता हूं कि मैं आपके बांये और दांये हाथ की तरह काम करूंगा। यह मेरे नेता का हुकम है। मैंने एक बड़ा समय किशोर उपाध्याय ने राजनीति में देखा है। बहुत बार चुनाव में टिकट भी बांटे हैं।

टिकट देने में किसी की भावना को ठेस पहुंची हो तो, उसके लिए भी मैं हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं। लेकिन एक बात कहना चाहता हूं कि प्रीतम भाई ‘न मिला करो गले यूं तपाक से, ये नए मिजाज का शहर है, फासले से रहा करो’। प्रीतम सिंह को नसीहत देते हुए किशोर ने कहा कि कन खजुरियों से सावधान रहना, ये बड़ी भारी समस्या है कांग्रेस में।

किशोर ने कहा कि जितने हमारे देवी-देवता, हमारे सारे आराध्य स्थल, जिन वोटरों ने इतने कठिन समय में हमारा साथ दिया और जितने कांग्रेसी हैं, उनकी तरफ से कामना करते हूं कि आपका मार्ग प्रशस्त हो।

 

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