बिजली की बंद सप्लाई से पूरे क्षेत्र में मचा कोहराम अनिश्चित समय कालीन तक बिजली ठप

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हरदोई (ब्यूरो) बकाया वेतन न मिलने से परेशान संविदा कर्मियों ने आज पूरे क्षेत्र की सप्लाई बंद कर दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया है चिलचिलाती गर्मी ने क्षेत्रवासियों का बुरा हाल कर दिया है विद्युत विभाग की लापरवाही का नतीजा आज पूरे क्षेत्रवासियों का झेलना पड रहा है | दबंग ठेकेदार ने संविदा कर्मियों का वेतन रोक कर पूरे क्षेत्र को चिलचिलाती गर्मी में तडपने के लिए मजबूर कर दिया है और बेचारे संविदा कर्मियों के परिवार जो उनकी मेहनत के सहारे चलते है आज उनके परिवार भुखमरी के कंगार पर पहुंच चुके है, जिसकी शासन प्रशासन को कोई चितां नही है |

अर्थात संविदा कर्मी के पास सप्लाई बंद करने के अलावा और कोई भी रास्ता नहीं है, बंद सप्लाई के चलते क्षेत्रवासियों को गर्मी में जुझना पड रहा है और पूरे क्षेत्र में रात को अधेंरा पसर जाता है मगर इन सब समस्याओं को सिर्फ किसे झेलना है क्षेत्र वासियों को किसी अधिकारी को क्या फर्क पडता है और विद्युत विभाग की बडी लापरवाही के चलते व दबंग ठेकेदार पवन शुक्ला की मेहरबानी के कारण संविदा कर्मियों के परिवार तो भुखमरी की कगांर पर पहुँच ही चुके हैं, साथ ही साथ पूरा क्षेत्र चिलचिलाती गर्मी व अंधेरे में रहने को मजबूर है |

बताते चले कि विद्युत केन्द्र बेंहदर के संविदा कर्मियों ने आज दिनांक सोलह जून दिन शुक्रवार को सुबह आठ बजे से नौ महीने का बकाया वेतन न मिलने कारण और पूर्व ठेकेदार अनिल दीक्षित मां भगवती इंटर प्राइजेज ने चार महीने का बकाया वेतन न देने के साथ ही साथ ई पीएफ का कोई भी रिकार्ड उपल्बध नहीं कराया और परेशान संविदा कर्मियों ने जिलाधिकारी से लेकर अन्य अधिकारियों को वेतन दिलाने के लिए प्रार्थना पत्र के द्वारा गुहार लगाई, किन्तु सभी आला अधिकारी मूकदर्शक बन गये | तीन जून को दोपहर एक बजे एसडीओ संडीला आदित्या वर्मा ने पावर हाऊस बेंहदर आकर संविदा कर्मियों को पांच जून तक एक मुश्त बकाया वेतन दिलाने का मौखिक आस्वासन दिया था और आज तक संविदा कर्मियों को वेतन का एक पैसा तक नहीं मिला जिससे कारण विद्युत कर्मचारियों में रोष व्याप्त है और आज संविदा कर्मी मनोहर लाल लाईन मैन पदुमसिंह लाईन मैन कुलदीप सिंह लाईन मैन विलास कमलकिशोर सहित अन्य कर्मचारियों ने अनिश्चित समय कालीन तक पूरे क्षेत्र की बिजली सप्लाई बंद कर धरना प्रदर्शन पर बैठ गये |

रिपोर्ट-बाल्मीकि वर्मा

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