कुमार विश्वास की मुश्किलें और बढ़ी, एजीएम ने दिया हाज़िर होने का आदेश

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सुलतानपुर – आप नेता कुमार विश्वास को अदालत के आदेश से दो दिन बाद ही दूसरा बड़ा झटका लगा है। एसीजेएम षष्ठम अनिल कुमार सेठ ने अवैध प्रचार सामग्री की बरामदगी मामले में भी कुमार विश्वास की तरफ से पड़ी उन्मोचन अर्जी को निस्तारित करते हुए उन्हें मात्र रिश्वत देने अथवा लेने के आरोप से उन्मोचित करते हुए आचार संहिता के उल्लंघन समेत अन्य धाराओं में आरोप विरचित करने के लिए आगामी 21 फरवरी को पेश होने के लिए कहा है।

मालूम हो कि बीते लोकसभा चुनाव के दौरान 3 मई 2014 को गौरीगंज थानाक्षेत्र अन्तर्गत स्थित लकी फिलिंग स्टेशन पेट्रोल पंप टिकरिया के निकट आम आदमी पार्टी के प्रचार वाहन पर लदे प्रचार सामग्री को अवैध बताकर कुछ कांग्रेसी आप कार्यकर्ताओं से झड़प कर रहे थे।

जिसकी सूचना पर तत्कालीन थानाध्यक्ष रतन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनो पक्षों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। इसी दौरान अमेठी संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे आप नेता कुमार विश्वास अपने 50-60 समर्थकों के साथ वहां पर पहुंच गए और दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे।

इस दौरान आप कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए हुड़दंग मचाने लगे। विवाद बढ़ता देख कांग्रेसी नेता तो वहां से निकल लिए। वहीं आप कार्यकर्ताओं की प्रचार सामग्री से लदे वाहन चेक होने लगा तो इस बात पर भी कुमार विश्वास व उनके समर्थकों ने विवाद शुरू कर दिया और पुलिस टीम से भी भिड़ गए।

इसी मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष की तहरीर पर कुमार विश्वास व उनके डेढ़-दो सौ समर्थकों के खिलाफ भा.द.वि. की धारा 188, 353, 171 व लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 127(3) के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने अपनी तफ्तीश पूरी कर उनके विरूद्ध आरोपपत्र प्रेषित किया।

जिस पर संज्ञान लेते हुए एसीजेएम षष्ठम की अदालत में उनके विरूद्ध कार्यवाही जारी की। जिससे बचने के लिए कुमार विश्वास ने हाईकोर्ट तक की शरण ली। फिलहाल उन्हें अदालत में पेश होकर जमानत करानी ही पड़ी। उनकी तरफ से अपने खिलाफ लगे आरोपों को निराधार बताते हुए उन्मोचन अर्जी प्रस्तुत की गई।

इस मामले के अलावा लोकसभा चुनाव के दौरान ही कुमार विश्वास के खिलाफ गौरीगंज थाना परिसर में समर्थकों के खिलाफ बवाल काटने एवं आचार संहिता के उल्लंघन समेत अन्य आरोपों से जुड़े मामले में उन्मोचन अर्जी दी गई थी। दोनों मामलों में बीते 10 जनवरी को उनकी उन्मोचन अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के तर्कों एवं अभियोजन पक्ष के तर्कों को सुनने के पश्चात अदालत ने आदेश को सुरक्षित रख लिया था।

बीते 17 जनवरी को अदालत ने गौरीगंज थाना परिसर से जुड़े मामले में कुमार विश्वास की अनुमोचन अर्जी को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया था। अवैध प्रचार सामग्री से जुड़े मामले में गुरूवार के लिए आदेश की तिथि नियत थी। जिसके क्रम में न्यायाधीश अनिल कुमार सेठ ने उनकी उन्मोचन अर्जी का निस्तारण करते हुए 171 ई भादवि के आरोप से उन्मोचित करते हुए अन्य धाराओं में उनके खिलाफ आरोप तय करने के लिए आगामी 21 फरवरी को हाजिर होने का आदेश दिया है। अदालत के इस आदेश से कुमार विश्वास को दोनों ही मामलों में विचारण की प्रक्रिया से अब गुजरना ही होगा इसके आसार लगभग साफ हो गए है।

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