यदि आज हुए चुनाव तो फिर से PM मोदी ही बनेंगे प्रधानमंत्री

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2015 में भले ही एनडीए सरकार बिहार का और दिल्ली का चुनाव हार गयी हो लेकिन इसके बावजूद आज भी देश के लोगों की पहली पसंद प्रधानमंत्री मोदी ही बने हुए है I हाल ही में हुए सर्वे से खुलासा हुआ है कि यदि अभी चुनाव हो जाए तो एक बार फिर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेत्रत्त्व वाली एनडीए सरकार ही पूर्ण बहुमत से सत्ता में आएगी I

एबीपी और निलसन के सर्वे में नरेंद्र मोदी को 32 फीसदी जनता ने देश का बेहतरीन प्रधानमंत्री बताया है. इतना ही नहीं अगर आज की तारीख में चुनाव हुए तो एनडीए 301 सीटों पर लोकसभा चुनाव जीतेगी. इस सर्वे पर कई सवाल किए गए है जिनमें कई मुद्दों पर जनता

बीजेपी के साथ दिखी है तो कई मुद्दों पर पीएम मोदी से निराश भी नजर आई.

आज चुनाव हो तो किस पार्टी को मिलेंगे कितने फीसदी वोट?

एबीपी न्यूज-नीलसन के सर्वे के मुताबिक, आज लोकसभा चुनाव हुए तो 43 फीसदी जनता नरेंद्र मोदी और एनडीए गठबंधन सरकार के साथ है. वहीं सिर्फ 14 फीसदी लोग कांग्रेस और 4 फीसदी जनता आम आदमी पार्टी की सरकार बनाने के पक्ष में है.
अभी चुनाव हुए तो किसको मिलेगी कितनी सीटें ?

सर्वे के मुताबिक, 20 महीने बाद भी लोगों को पीएम मोदी से काफी उम्‍मीदें है और आज लोकसभा चुनाव हुए थे एनडीए बहुमत के साथ सरकार बनाएगी. सर्वे में बीजेपी गठबंधन 301 सीटें मिली है और उन्‍हें सिर्फ 35 सीटों का नुकसान हो रहा है. वहीं यूपीए की झोली

108 सीटें ही जा रही है और उसे 48 सीटों का फायदा हो रहा है. वहीं लेफ्ट पार्टियां 10 सीटों के इज़ाफे के साथ 20 पर पहुंच जाएगी. अन्य पार्टियों के खाते में 114 सीटें जाएंगी.

2014 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी गठबंधन को 336, यूपीए को 60, लेफ्ट को 10 और अन्य को 137 सीटें मिली थीं.

देश का अभी तक का सबसे बेहतरीन प्रधानमंत्री कौन है?

सर्वे के मुताबिक, 32 फीसदी जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सबसे बेहतरीन बताया है. इस मामले में 23 फीसदी के साथ इंदिरा गांधी दूसरे स्थान पर और 21 फीसदी के साथ अटल बिहारी वाजपेयी तीसरे पायदान पर रहे. 9 फीसदी जनता ने पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल

नेहरू को सबसे अच्छा पीएम माना है.

देश में कौन सबसे लोकप्रिय नेता?

भले ही इस सर्वे पर कई मुद्दों पर लोग एनडीए सरकार से नाखुश है लेकिन इससे पीएम मोदी की लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ा है. यहीं वजह है कि वह आज भी सबसे लोकप्रियता की रेस में सबसे आगे है और उनके पीछे दूर-दूर तक कोई नहीं है. सर्वे के मुताबिक

पीएम मोदी 58 फीसदी लोगों की पसंद है जबकि राहुल गांधी 11 फीसद के साथ दूसरे पायदान पर है. वहीं 4 फीसदी जनता की पसंद के साथ सोनिया गांधी और अरविंद केजरीवाल हैं. 3 फीसदी जनता ने ममता को सबसे लोकप्रिय नेता माना है. वहीं बिहार चुनाव में जीत

करने वाले नीतीश कुमार को महज दो फीसदी जनता ने पसंद किया है.

पीएम मोदी का अब तक का कामकाज कैसा रहा?

भले ही विपक्ष पीएम मोदी के कामकाज को लेकर सवाल उठाता रहे लेकिन सर्वे में साफ हो गया है कि देश की जनता पीएम मोदी के काम से संतुष्‍ट है. सर्वे में 54 फीसदी जनता का कहना है कि वह पीएम मोदी का कामकाज़ अच्छा या बहुत अच्छा है. वहीं 30 फीसदी ने

उनके कामकाज को औसत और 14 फीसदी ने खराब और बहुत खराब करार दिया.

वहीं एनडीए सरकार की बात करे तो सिर्फ 46 फीसदी जनता ने सरकार के कामकाज़ को अच्छा या बहुत अच्छा कह रही है. वहीं 35 फीसदी ने एनडीए सरकार के कामकाज को औसत और 16 फीसदी ने खराब और बहुत खराब करार दिया.

पढ़ें किन मुद्दों पर जनता खुश नहीं है पीएम मोदी से

क्या अच्छे दिन आए?

सर्वे के मुताबिक जनता को लगता है कि पीएम मोदी 20 महीने के कार्याकाल में अच्‍छे दिन नहीं ला सकी है. 50 फीसदी जनता का कहना है कि अभी अच्‍छे दिन नहीं आए है. वहीं 42 फीसदी को लगता है कि अच्छे दिन आ गए हैं.

क्या आपकी ज़िंदगी बेहतर हुई?

सर्वे के मुताबिक, जनता को नहीं लगता कि मोदी सरकार के आने के बाद से उनकी जिंदगी बेहतर हुई है. इसलिए 53 फीसदी जनता ने सर्वे में माना है कि उनकी जिंदगी में कोई बदलाव नहीं आया है. हालांकि, 30 फीसदी लोगों का कहना था कि उनकी ज़िंदगी बेहतर हुई है.

वहीं 14 फीसदी लोगों की शिकायत थी कि उनकी ज़िंदगी खराब हुई है.

क्‍या पीएम मोदी को अखलाख कांड पर चुप्पी तोड़नी चाहिए थी?

दादरी में बीफ की अफवाह के बाद मोहम्मद अखलाक की हत्या पर क्‍या पीएम मोदी को चुप्‍पी तोड़नी चाहिए थी तो इस पर 50 फीसदी जनता का कहना है कि इस मुद्दे पर मोदी को बयान जारी करना चाहिए था जबकि 27 फीसदी लोगों ने कहा है कि इसकी जरूरत नहीं

थी.

इन मुद्दों पर मोदी सरकार के साथ दिखी जनता

क्या काले धन मुद्दे पर मोदी सरकार नाकाम रही?

सर्वे के मुताबिक, काले धन के मुद्दे जनता एनडीए के साथ दिखी है. 43 फीसदी लोगों का मानना है कि मोदी सरकार काले धन के मुद्दे में पर नाकाम नहीं रही है. वहीं 41 फीसदी लोगों का कहना है कि वह काले धन के मुद्दे पर नाकाम नहीं रहे हैं. 16 फीसदी लोगों का

कहना है कि उन्‍हें इस बारे में कुछ भी पता नहीं है

क्‍या अरुण जेटली को डीडीसीए विवाद पर इस्तीफा देना चाहिए था?

अरविंद केजरीवाल के जरिए डीडीसीए घोटाले में वित्त मंत्री जेटली के नाम उछाले जाने पर जनता की राय बंटी हुई है. 30 का कहना है कि जेटली को इस्तीफा दे देना चाहिए तो 40 फीसदी का कहना है नहीं.

मोदी सरकार को क्या विपक्ष काम नहीं करने दे रहा है?

44 फीसदी जनता का मानना है कि मोदी सरकार को जीएसटी बिल पास करने से रोका जा रहा है. वहीं 30 फीसदी इस मत से सहमत नहीं है.

क्या नरेंद्र मोदी की पाकिस्तान यात्रा का समर्थन करते हैं?

जनता ने पीएम मोदी की पाकिस्‍तान यात्रा का समर्थन किया है. सर्वे में 53 फीसदी लोग मोदी के साथ है और 35 फीसदी जनता मोदी के खिलाफ है.

क्‍या पठानकोट आतंकी हमले के पाक के वादे पर भरोसा करें?

सर्वे में 60 फीसदी से अधिक लोगों का कहना है कि पीएम मोदी को पठानकोट हमले के बाद पाकिस्‍तान के वादे पर भरोसा नहीं करना चाहिए. वहीं 24 फीसदी लोगों का कहना है कि उन्‍हें पाकिस्‍तान पर भरोसा करना चाहिए.  15 फीसदी लोगों ने इस पर कुछ नहीं कहा.

सम्मान वापसी मुहिम स्वाभाविक या राजनीति से प्रेरित?

सम्‍मान वापसी के मामले में भी जनता पीएम मोदी के साथ खड़ी दिखाई दी. सर्वे में 38 फीसदी लोगों ने कहा कि सम्‍मान वापसी की मुहिम बनावटी थी. वहीं 35 फीसदी लोगों का कहना है कि यह मुहिम स्‍वाभाविक थी और 27 फीसदी लोगों ने इस मामले में कुछ भी

नहीं कहा.

असहिष्णुता पर गुस्सा कैसा था?

बीते दिनों असहिष्णुता के सवाल पर देश में माहौल जबर्दस्त गर्म था. लोग दो खेमों में बंट गए थे. इस सर्वे में भी लोग दो हिस्सों में बंटे हुए हैं. 35 फीसदी का मानना है कि असहिष्णुता पर गुस्सा स्वत: स्फूर्त था, जबकि 38 फीसदी का मानना है कि ये गुस्सा बनावटी था.

मोदी सरकार को राम मंदिर बनवाने की पहल करनी चाहिए?

जब से मोदी सरकार आई है दक्षिणपंथी समूह अयोध्या के विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण की मांग कर रहे हैं. इस सर्वे में 65 फीसदी लोगों की राय है कि मोदी सरकार को राम मंदिर के निर्माण के लिए कोशिश करनी चाहिए. 23 फीसदी इसके खिलाफ हैं.

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