भूसा रखने के काम आ रहा लाखों की लागत से बना कुक्कुट पालन केंद्र

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चकलवशी : लघु एवं सीमांत क्रषको को आर्थिक उन्नयन हेतु लाखों की लागत से निर्मित कुक्कुट पालन केंद्र बदहाल हो गया है यहाँ पर बने काम्प्लेक्स गामीणो के भूसा भरने के काम आ रहे हैं पशुपालन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। विकास खण्ड सरोसी क्षेत्र के ग्राम सभा परियर के मजरा सुब्बा खेडा गांव के पास जनपद के पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के मन्त्री मनोहर लाल ने 6 मार्च 1994 को कुक्कुट काम्प्लेक्स सहकारी समिति लिमिटेड की आधार शिला रखी थी जिसका उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग लिमिटेड कार्यदयी संस्था ने निर्माण कार्य कराया जिसका 16 अप्रैल 1998 को गोरख नाथ निषाद राज्य मन्त्री स्वतन्त्र प्रभार पशुधन एवं मत्स्य ने उद्घाटन किया | विधायक दीपक कुमार की अध्यक्षता डाक्टर ए. के. सिंह निदेशक पशुपालन विभाग उत्तरप्रदेश रामकुमार निषाद सचिव तथा बैजनाथ लोधी अध्यक्ष थे |


पांच एकड़ में दस काम्प्लेक्स बनाये गये थे जिसमे आसपास के गांवों जूडा पुरवा, सुब्बा खेडा, सैदापुर, परियर, करवासा, जमालनगर, गंगा दीन खेडा, पंडित खेडा, बरहाली सहित दस गांवों के लघु एवं सीमांत किसानों को चयनित किया गया और उन्हें पशुपालन विभाग द्वारा बच्चे उपलब्ध करा कर पालन करने के लिए एक एक काम्प्लेक्स दिया गया उदेश्य यह था कि लघु किसान भी मुख्य धारा में शामिल हो सरवन मलिक कांट्रेक्टर था जिसकी देख रेख में बडे हो गये बच्चों को बिक्री की जाती थी लेकिन पशुपालन विभाग द्वारा किसानों को समय पर न तो दवाये दी जाती थी और न ही उन्हें इस बात की जानकारी दी जाती थी कि कैसे इन बच्चों को बिभिनन मौसमी बीमारियों से बचाया जाता है जिसके कारण अधिकांश बच्चे वही मर जाते थे और किसानों को मुनाफे की जगह घाटा उठाना पड़ा इसके लिए विभाग द्वारा उन्हें कोई भी सरकारी मदद नहीं दी गई जिससे किसानों ने बच्चे पालना बन्द कर दिया और सिथित यह हो गई कि आज वह बदहाल पडा हुआ है अब तो लोगों ने उसे अपने निजी कार्य के लिए प्रयोग कर रहे हैं। इस सम्बन्ध में गांव के ही बुजुर्ग श्याम लाल व गजराज बताते हैं कि उस समय यह क्षेत्र काफी पिछड़ा हुआ करता था किसानो फसलों की सिचाई के लिए भी कोई साधन नहीं था लोग बदहाल थे तब मन्त्री जी ने इस कुक्कुट पालन केंद्र को बनवाया था कि इससे छोटे किसानों को लाभ मिलेगा लेकिन सरकारी अमले ने सिर्फ खानापूर्ति ही करते रहे जिससे यह योजना पहले ही चरण में ध्वस्त हो कर रह गई।

रिपोर्ट – अशोक दुबे

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