क्रासिंग के बिल्कुल नजदीक लगे हैं बड़े क्रेशर प्लान्ट, लगता है भीषण जाम


कबरई/महोबा (ब्यूरो) घटना थाना कबरई ग्राम मकरबई ई क्राशिंग की है जहाँ कल रात एक ट्रक चालक की ट्रेन की टक्कर से मौत हो गई। प्राप्त जानकारी से पता चला है कि कल रात ग्राम मकबरई ई क्रासिंग मे बना अन्डर ब्रिज पर लम्बा जाम लगा था क्योंकि वहाँ बडे बडे क्रेशर प्लान्ट लगे हुऐ है जहाँ से गिट्टी लेने के वास्ते सैकड़ों ट्रको का आना जाना बना रहता है जिससे जगह कम होने पर वहाँ प्रतिदिन घंटो जाम लगा रहता है और ऐसा ही जाम कल रात को भी लगा रहा |

अन्डर ब्रिज के रास्ते एक ट्रक चालक सुशील गुप्ता 37 पुत्र रामकिशोर निवासी नाथपुरी कोतवाली गौतम नगर जिला फतेहपुर अपना ट्रक लेकर गिट्टी लेने उसी रास्ते जा रहा था ठीक उसी समय वहाँ पर जाम लगा था काफ़ी देर इन्तजार करने के बाद भी जाम नहीं खुला तो ट्रक चालक ने ट्रक वही किनारे लगा अन्डर ब्रिज के उपर के रास्ते से आगे जाम की स्थिति का जायजा लेने गया और देखकर लौट ही रहा था कि रात का वक़्त और वहीं क्रासिंग के नजदीक ही लगे बडे क्रेशर प्लान्टो से उडती धूल व उनकी आवाज मे कुछ ठीक से समझ नहीं आया और जैसे ही पटरी के नजदीक आया की ठीक उसी समय ट्रेन का निकलना हुआ और ट्रक चालक को ट्रेन की टक्कर लग गई और उसकी वहीं पर मौत हो गई जब पूरी रात गुजर गई और ट्रक चालक नहीं आया तो ट्रक का खलासी जो ट्रक चालक का भाई है वह सुबह देखने निकला तो उसने अन्डर ब्रिज के ऊपर अपने बडे भाई को मृत पाया उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी पुलिस ने घटना का जायजा लिया और शव का पन्चनामा भर उसे महोबा पीएम के लिऐ भेज दिया।

क्रासिंग के बिल्कुल नजदीक लगे बडे क्रेशर प्लान्ट जिनकी धूल से रेलयातायात पर पडता है असर
अब सवाल क्रेशर संचालको पर भी उठना नाजमी है की न तो वह मानक के कोई भी नियम का पालन कर रहे है और न ही किसी ने बान्ड्री खडी की है ताकि क्रेशर की धूल बाहर न जाऐ इतना ही नहीं वहाँ पर क्रासिंग के बिल्कुल नजदीक पहले से ही क्रेशर लगे है और इसके बावजूद भी रेल यातायात को व वहाँ क्रासिंग से नकलने वालो को बाधा की बात न सोचकर और भी वहीं नजदीक नऐ क्रेशर प्लान्ट तैयार हो गऐ है जिस पर किसी का ध्यान नहीं जाता और ध्यान जाऐ भी कैसे लेनदेन से सब कुछ हो जा रहा है और हो भी गया इससे चाहे रेल यातायात मे फर्क पडे या फिर किसी की ज़िन्दगी से। और यही कारण है की शासन व प्रसाशन इन्हें किसी की सुध नहीं।

रिपोर्ट – प्रदीप मिश्रा

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