वकीलों ने किया कार्य बहिष्कार

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कुशीनगर(ब्यूरो)- खड्डा तहसील के अधिवक्ताओं द्वारा एक माह से तहसीलदार कोर्ट के न्यायिक बहिष्कार से वादकारियों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। दर्जनों बार प्रयास के बाद भी अधिवक्ताओं व तहसीलदार में सहमति नहीं बन पाई है। एसडीएम द्वारा इसका संज्ञान नहीं लेने के चलते अधिवक्ताओं ने सोमवार को एसडीएम कोर्ट का भी एक दिवसीय सांकेतिक बहिष्कार कर तहसीलदार के विरोध में नारेबाजी व प्रदर्शन किया।

तहसील बार एसोसिएशन अध्यक्ष अर¨वद पांडेय व मंत्री कुमोद चंद्र शर्मा की अगुवाई में बीते छह मई से तहसीलदार कोर्ट का न्यायिक बहिष्कार किया जा रहा है। मामला डीएम तक पहुंचा, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

इसके अलावा नायब तहसीलदार कोर्ट का भी करीब तीन माह से बहिष्कार चल रहा है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसीलदार किसी भी व्यक्ति के साथ ठीक से बात नहीं करते हैं। मुकदमों में पक्षपात करने के लिए बिचौलियों के माध्यम से धन की मांग करते हैं। न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने के बाद खतौनी के वेरीफिकेशन के नाम पर पैसा मांगा जा रहा हैं। बिना पैसे के कागजातों पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं।

अधिवक्ताओं ने सोमवार को बैठक कर संकल्प दोहराया कि जब तक तहसीलदार व नायब तहसीलदार का तबादला नहीं हो जाता तब तक न्यायिक कार्यों का बहिष्कार वापस नहीं लेंगे।

इस अवसर पर अधिवक्ता ओपी लाल, अनुप मिश्रा, अवधेश यादव, भानु पांडेय, दीनानाथ सिंह, अनिल सिंह, राजेंद्र जायसवाल, अमियमय मालवीय, एनएन पांडेय आदि मौजूद रहे। तहसीलदार रामकेवल तिवारी का कहना है कि सभी आरोप निराधार हैं।

रिपोर्ट-राहुल पाण्डेय

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