लेखपाल व ग्राम प्रधान की मिलीभगत से मिले अपात्रों को पट्टा

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⁠⁠परसदेपुर:रायबरेली- सलोन तहसील क्षेत्र के अंतर्गत परशदेपुर सुनगा देहात जो डक्टर राम मनोहर लोहिया चयनित हुआ था। विकास कार्य केवल कागजों पर की गयी। शिकायत करने पर नहीं हो रही कार्यवाही खेल पर खेल खेल रहे हैं स्थानीय अधिकारी 2010 से आज तक नहीं हुई कार्यवाही, उच्च अधिकारियों द्वारा जांच हुई तो खुल सकते हैं करोड़ों का घोटाला|

जैसे राजस्व विभाग के कर्मचारी अधिकारी ने लेनदेन कर मामले को किया रफा-दफा सलोन तहसील में कार्यरत लेखपाल पूर्व प्रधान धनाऊ देवी प्रतिनिधि राम भवन यादव द्वारा किए गए कारनामे किसी भी कार्य में घोटाले बाजी नहीं छोड़ी है। अपात्र लोगों का पट्टा देने के कई मामले में कई ग्राम पंचायत की शिकायत हो रही है। सुनगा पूर्व ग्राम प्रधान धनाऊ प्रतिनिधि, राम भवन यादव व लेखपाल के ऊपर आरोप है। एक ही परिवार में पांच-ेपांच लोगों का पट्टा किया गया है। परिवार में कितने लोग हैं। फिर उनके परिवार में तीन, चार, दो पट्टे किए गए हैं।

इसके पूर्व में 2005 से दस तक इन्हीं लोगों का पट्टा किया गया था। शिकायत स्थानीय अधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक किया गया था फिर भी आज तक सुनगा ग्राम पंचायत की जांच होने में नाकाम। परशदेपुर में दलालों का अंबार कई बार आए अधिकारी को चाय नाश्ता करा कर वापस कर दिया जाता था उन्हीं लोगों से गवाही कराई जाती थी जो लोग आपात्र व्यक्ति थे। इसीलिए जिला छोड़कर किसी दूसरे जिला के अधिकारी जांच के लिए गोपनीय स्तर से भेजा जाए, उसमे बहुत बड़ा खुलासा सामने आ सकता है।

राजकुमार यादव निवासी महेशपुर ने बताया कि खाली जमीन खलिहान की जमीन पर एक व्यक्ति को कब्जा करवा दिया और वहां उस भूमि पर गेहूं धान की फसल पैदा कर रहा है कई बार शिकायत राजस्व विभाग के अधिकारी से की गई किंतु लेखपाल रणविजय सिंह को विभागीय अधिकारी व कर्मचारी बचा रहे हैं।

गवाह, बजरंग बहादुर राजू, रामदास, रमेश कुमार, रामअधार, हरिशंकर, शंकर आदि लोगों ने लेखपाल की जांच कराए जाने की मांग की है। ग्राम पंचायत, सुनगा ग्राम की जांच कराई जाए। लिप्त कर्मचारी व अधिकारी की जांच कराई जाए। गरीब के हक पर डाका डालने वाले अधिकार सरकार की मंशा पर पानी फिरते नजर आ रहा है|

लोगों का कहना है कि एक लेखपाल की मर्जी से तहसील चल रहे थे ऐसे में पात्र लोग भूमिहीन ही रह जाएंगे इस संबंध में प्रधान प्रतिनिधि राम भवन यादव से और लेखपाल से बातचीत की गई थी तो यह लोग बताएं कि पट्टा उन्हीं लोग को दिया जाता है जिसके पास योग्य जमीन मौजूद हो| इस संबंध में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से जांच कराए जाने की मांग की है| प्रकरण को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।

रिपोर्ट-अनुज मौर्य

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