किसानों के खाते में अबतक नहीं पहुंचा सूखा राहत का पैसा, डीएम को सौंपा ज्ञापन

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जालौन ब्यूरो : सूखा राहत की राशि किसानों के खाते में अब तक न पहुँचने से नाराज किसानों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सोंपते हुए उन्हें सूखा राहत राशि दिलाए जाने की मांग की।

ब्लाक कुठौंद के ग्राम रोमई मुस्तकिल, हदरूख एवं अतरछला के किसान विनोद राठौर, प्रधान, लल्लूराम भगवती प्रसाद, संतोष कुमार, लक्ष्मी सिंह, राघवेंद्र, संदीप कुमार, विजय सिंह, अमरनाथ, विमल किशोर, लालाराम आदि सहित लगभग एक सैंकड़ा से अधिक किसानों ने उपजिलाधिकारी शीतला प्रसाद यादव को ज्ञापन सोंपते हुए बताया कि क्षेत्र का किसान पिछले तीन चार वर्षांे से लगातार दैवीय आपदा का शिकार हो रहा है। जिससे उसकी कमर टूट चुकी है। किसानों के लिए खेती करना लगातार घाटे का सौदा साबित हो रहा है। जिसके चलते किसानों को दो जून की रोटी जुटाना भी मुश्किल पड़ रहा है।

किसानों की इस स्थिति को देखते हुए शासन की ओर से किसानों को मुआवजे की धनराशि उपलब्ध कराई जा रही थी। परंतु इस क्षेत्र के किसानों को अभी तक मुआवजे की धनराशि नहीं मिल पाई है। शासन द्वारा इस क्षेत्र के किसानों के लिए सूखा राहत की धनराशि के रूप में 9 करोड 9 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। जिन्हें क्षेत्रीय किसानों को वितरित किया जाना था। परंतु लेखपालों एवं राजस्व कर्मियों की उदासीनता चलते अब तक मात्र 6 करोड के लगभग ही धनराशि 7887 किसानों को वितरित हो पाई है। हाल ही में शासन की ओर से कुछ धनराशि पीड़ित किसानों के लिए भेजी गयी थी उसे भी लेखपालों की लापरवाही के चलते किसानों तक नहीं पहुंचाया जा सका है। जिसके चलते किसानों में रोष व्याप्त है। बताते चलें कि शासन द्वारा जो धनराशि किसानों के मुआवजे के लिए आयी है, उसे 31 मार्च के बाद वापस किए जाने का नियम है। अभी अवशेष धनराशि लगभग 2 करोड 64 लाख रुपये है। जिसे 31 मार्च के बाद वापस करना पडे़गा। किसानों ने राजस्व कर्मी सहित लेखपालों पर उदासीनता एंव लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने एवं पीड़ित किसानों के खातों में 31 मार्च के पूर्व तक मुआवजे की धनराशि पहुंचाए जाने की मांग की। अन्यथा की स्थिति में किसानों ने तहसील परिसर मे बैठकर आंदोलन करने की भी चेतावनी दी।

रिपोर्ट – अनुराग श्रीवास्तव

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