जिला कारागार में खुलेगी लाइब्रेरी, सिखाया जाएगा योग

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जालौन (ब्यूरो)- जिला कारागार के जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा ने मीडिया से बातचीत करते हुये कहा कि उनकी मंशा कारागार के अंदर लाइब्रेरी खुलवाने की है इसके लिये उन्होंने जगह तो फाइनल कर दी है लेकिन मुख्य समस्या लाइब्रेरी खुलने में रुपयों की है इसके लिये स्वयंसेवी संस्थाओं से संपर्क किया जायेगा। इसके अलावा जेल में निरुद्ध कैदियों को नियमित योग के आसन भी सिखाये जा रहे हैं।

बातचीत के दौरान जेल अधीक्षक श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि उनका मानना है कि जिला कारागार में जो भी बंदी आते हैं| वह सभी पेशेवर अपराधी नहीं होते हैं। बहुसंख्या में ऐसे लोग भी जेल पहुंच जाते हैं जो परिस्थितियों वश कोई घटना घटित हो जाती है और फिर उन्हें जेल में निरुद्ध कर दिया जाता हैं। ऐसे ही लोगों को ज्ञानार्जन कराने की मंशा से जेल परिसर में एक मिनी लाइब्रेरी खुलवाने की हैं। अपनी मंशा को मूर्त रूप देते हुये उन्होंने जगह का चयन तो कर लिया है अब उसे लाइब्रेरी का स्वरूप देना रह गया है।

उन्होंने कहा कि इसके लिये रुपयों की आवश्यकता है तो इसके लिये वह जनपद की स्वयंसेवी संस्थाओं से संपर्क कर लाइब्रेरी खुलवाने में उनसे आर्थिक सहयोग मिला तो आने वाले समय में जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों को नियमित रूप से समाचार पत्र ही नहीं बल्कि धार्मिक साहित्य भी उपलब्ध रहेगा| जिसे हर व्यक्ति अपनी रुचि के अनुसार पढ़ सकेगा।

जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा ने बातचीत के दौरान कहा कि कारागार में लंबे समय से पीसीओ बिल जमा न होने की वजह से बंद चल रहा है जिससे कैदी अपने परिजनों से बातचीत नहीं कर पाते थे। पिछले दिनों पीसीओ का बकाया बिल जमा करवा दिया गया है और जल्द ही पीसीओ की शुरूआत हो जायेगी| जिससे कारागार में निरुद्ध कैदियों को अपने परिजनों से समय पर बातचीत की सुविधा मिलना शुरू हो जायेगी।

बातचीत के दौरान जेल अधीक्षक ने यह भी बताया कि सप्ताह में एक बार ब्रह्माकुमारी संस्थान की बहिनों द्वारा कैदियों को प्रवचन सुनाकर उन्हें सत्य के मार्ग पर चलने को प्रेरित करती हैं। जेल अधीक्षक ने बताया कि इससे पूर्व वह जिला विकलांग कल्याण अधिकारी के पद पर तीन वर्ष तैनात रहे इतना ही नहीं इससे पूर्व वह छात्रों को पढ़ाते थे। लेकिन जेल अधीक्षक पद पर तैनाती होने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी

रिपोर्ट-कैलाश कुमार

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