माइनर की पुलिया टूटी, जान जोखिम में डाल कर गुजर रहे राहगीर

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खीरों/रायबरेली(ब्यूरो)- विकास क्षेत्र खीरों के गाँव कुम्हारन खेड़ा सम्पर्क मार्ग पर लगभग तीन माह पूर्व खीरों माइनर की पुलिया टूट कर लटक गई थी। जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों , स्कूल के बच्चो, ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गाँव का रास्ता पूरी तरह बन्द हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर टूटकर लटकी इस पुलिया के अलावा गाँव के लिए कोई रास्ता न होने से आने जाने वाले जान जोखिम मे डालकर इसी पुलिया से गुजर रहे है। जबकि विद्यालय वाहन चालको ने गाँव जाना बंद कर दिया है। जिससे बच्चो को गाँव से पाहो मार्ग तक पैदल आना पड़ रहा है। नाराज लोगो ने जिलाधिकारी व शासन से इस टूटी पुलिया का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की है।

खीरों पाहो मार्ग के तिवारिन खेड़ा गाँव के पास से कुम्हारन खेड़ा गाँव के लिए दो वर्ष पूर्व सीसी रोड का निर्माण किया गया था। सीसी रोड के रास्ते मे शारदा सहायक नहर से निकली खीरों माइनर पड़ती है। माइनर मे बनी पुलिया से होकर गुजरने वाली इस सड़क से प्रतिदिन गाँव के साइकिल सवार, दो पहिया व चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर ट्राली आदि के साथ ही विद्यालय के वाहन गुजरते है। चार दशक पूर्व नहर बिभाग से बनी यह पुलिया जर्जर होने के कारण टूटकर लटक गई है। गाँव के आने जाने के लिए एक मात्र यही सड़क होने के कारण ग्रामीण जान जोखिम मे डालकर पैदल और दो पहिया वाहन से इसी मार्ग से गुजर रहे है। जिससे ग्रामीणो मे भारी आक्रोश ब्याप्त है। नाराज लोगो ने जिलाधिकारी व शासन से टूटी पुलिया को ठीक कराने की माँग की है। इस सम्बन्ध मे पूछने पर अवर अभियंता शारदा नहर उन्नाव ने बताया कि पुलिया के टूटने की कोई खबर नहीं है। बिभाग मे पुलिया निर्माण के लिए कोई बजट नहीं है। जांच कराकर बिभागीय उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।

ग्रामीण देशराज, राजेश, राम खेलावन, पप्पू आदि का कहना है की शारदा नहर का ऑफिस उन्नाव मे होने के कारण जनपद की समस्या देखने कोई नहीं आता है। पहले नहर कोठी उदवतपुर मे प्रतिदिन कर्मचारी और सप्ताह मे एक दो दिन अधिकारी बैठने के साथ ही खीरों ब्लॉक आते जाते रहते थे। लेकिन अब किसी के नही आने से नहर मे पानी आना तो दूर कोई समस्या नहीं सुनता है। उन्होने खीरों ब्लॉक मे तैनात नहर बिभाग के कर्मचारियो को नहर कोठी मे बैठ कर किसानो की समस्या सुनने की मांग की है।

रिपोर्ट- राजेश यादव 

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