बिना वृक्ष के जीवन की कल्पना नही की जा सकती – जिलाधिकारी

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रायबरेली (ब्यूरो)- पं0 दीनदयाल उपाध्याय के जन्म शताब्दी पर सामाजिक वानकीय प्रभाग द्वारा आयोजित वन महोत्सव कार्यक्रम में जिलाधिकारी द्वारा विकास खण्ड राही के ग्राम पंचायत जरौला में पं0 दीनदयाल उपाध्याय पंचवटी का उद्घाटन किया गया।

जिलाधिकारी अभय सिंह ने कहा कि हमारे जीवन में वृक्षों का बहुत महत्व है, बिना वृक्ष के जीवन की कल्पना नही की जा सकती। श्री सिंह ने एक सूक्ति कहते हुए कहा ‘‘पौधा भागा शहर से, बसा नदी के तीर। मानव जीवन घुट रहा, दुर्लभ हुआ शरीर।‘‘ जिलाधिकारी ने पेड़ों के महत्व के विषय में बताया कि सबसे पहली एन्टीबायोटिक पेड़ की छाल से बनायी गयी। लगभग सभी दवाइयां पेड़ों से ही बनी है। अगर पेड़ नही होते तो हम लोग भी नही होते। सलोन विद्यायक दलबहादुर कोरी ने कहा कि भू-जल स्तर में गिरावट का मुख्य कारण वनों के क्षेत्रफल में आने वाली कमी है। जिस तरह से वृक्षों का कटान हो रहा है और नये वृक्षों को लगाने की इच्छा में कमी से हमारा जीवन खतरे में पड़ गया है, जो कि चिन्ता का विषय है। हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि हर व्यक्ति को कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए।

मुख्य विकास अधिकारी देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि आज के समय में इस पंचवटी का उद्घाटन अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पंचवटी का एक वैदिक महत्व है। वृक्ष मात्र हमारी जरूरतों को पूरा करने के लिए नही है बल्कि इसके औषधीय गुणों के प्रति सबकों जागरूक करना अति आवश्यक है। इस अवसर पर निदेशक वानिकी उमाशंकर दोहरे, डी0सी0 मनरेगा तथा ग्राम प्रधान रामबहादुर यादव, आईटीबीपी के अधिकारी, जवान, एनसीसी कैडेट आदि उपस्थित रहे।

रिपोर्ट- राजेश यादव

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