आजीविका मिशन के समूहों को मिलेगा स्वरोजगार : सीडीओ

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बदायूँ ब्यूरो- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित समूहों को सरकारी आर्थिक सहायता से स्वरोजगार उपलब्ध कराकर गरीबी उन्मूलन में सहयोग किया जा रहा है। इससे ग्रामीण महिलाएं भी स्वतः रोजगार कर आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सकती हैं। फिलहाल जिले में 400 समूह गठन के पश्चात स्वरोजगार कर रहे हैं।
बुधवार को विकास भवन स्थित सभाकक्ष में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मंडल स्तरीय कार्यशाला आयोजित हुई। मुख्य विकास अधिकारी शेषमणि पाण्डेय तथा लखनऊ से आए संयुक्त मिशन निदेशक पीएन वर्मा ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। सीडीओ ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों को देश की मुख्य धारा से जोड़ना और विभिन्न कार्यक्रमों के ज़रिए उनकी गरीबी दूर करना है।
इस योजना के तहत ग्रामीण गरीब परिवारों से कम से कम एक सदस्य, विशेषकर महिला को समयवद्ध तरीके से स्वसहायता समूह के तहत जोड़ा जा रहा है। लखनऊ से आए संयुक्त मिशन निदेशक पीएन वर्मा ने कहा कि बीपीएल परिवारों के सामाजिक समावेश तथा एकजुटता के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अक्षम, भूमिहीन, प्रवासी मजदूरों, अलग-थलग पड़े समुदायों को इस योजना से लाभान्वित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
जिला विकास अधिकारी/उपायुक्त आजीविका मिशन सेवाराम चौधरी ने समूह गठन में बृद्धि करने के सुझाव देते हुए कार्यशाला का समापन किया। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों से महिला और पुरुष दोनों को आजीविका मिशन से जोड़ा जाएगा। कार्यशाला में बदायूँ के परियोजना निदेशक विजय कुमार श्रीवास्तव, शाहजहांपुर के परियोजना निदेशक जेसी जोशी, पीलीभीत के उपायुक्त श्रम रोजगार मृजाल सिंह सहित बरेली, शाहजहांपुर और पीलीभीत के एडीओ आईएसबी तथा एएसओ मौजूद रहे। लखनऊ के राज्य परियोजना प्रबंधक अदील अब्बास तथा सलमान हैदर ने विस्तृत रूप से योजनाओं के सम्बंध में प्रकाश डाला।
आजिविका मिशन के जिला प्रबंधक तकसीर अहमद ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में 400 समूह गठित हो गए हैं, जिसमें 2722 समूहों को प्रति समूह 15000 रुपए कुल चार करोड़ आठ लाख तीस हजार रुपए रिवॉल्विंग फंड के रूप में दिया जा चुका है। 890 समूहों को सामुदायिक निवेश निधि प्रति समूह एक लाख दस हजार रुपए कुल नौ करोड़ उन्नासी लाख रुपए दिया जा चुका है।
रिपोर्ट-सोनू यादव

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