दहशत में स्थानीय लोग गोफ से गैस रिसाव जारी

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बिहार(रा. ब्यूरो)- झरिया/धनबाद के झरिया कोयलांचल में बुधवार सुबह अचानक जोरदार आवाज के साथ धरती फटने से बनी गोफ ने एक पिता पुत्र को जिंदा निगल लिया।झरिया के अग्नि प्रभावित इंदिरा चौक पर झरिया-सिंदरी मार्ग के किनारे सुबह एकाएक गोफ बन गया और उसमें पिता और पुत्र जमींदोज हो गए।

डेंटिंग व टेंपो मरम्मत करनेवाले 50 वर्षीय बबलू खान व उसका 8 वर्षीय पुत्र रहीम खान गोफ में समा गया। रहीम दुकान का खूंटा पकड़कर खड़ा था। अचानक नीचे की जमीन खिसक गई और वह उसके अंदर चला गया। उसे बचाने के लिए उसके पिता बबलू खान भी गोफ में समा गए।

अपने चाचा और भाई को आंखों के सामने जमींदोज होता देख अरमान को कुछ समझ नहीं आया तो उसने चिल्लाना शुरू कर दिया। भीड़ जुटने लगी। उसके बाद हो हल्ला व रोड जाम के बाद रेस्क्यू का काम शुरू हुआ मगर देर शाम तक दोनों का पता नहीं चल सका। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

10 फीट व्यास का गोफ : गोफ का दायरा लगभग 10 फीट व्यास का है। इसकी गहराई लगभग 15 सौ फिट होने की बात कही जा रही है, लेकिन कोई भी इसका सही आकलन नहीं लगा पा रहा। गोफ से लगातार जहरीली गैस कार्बन मोनोक्साइड का रिसाव हो रहा है।
राहत कार्य में विलंब पर रोड जाम व पथराव : राहत कार्य में विलंब होने पर नाराज लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। करीब आधा दर्जन वाहनों को तोड़ दिया। गुस्साए लोगों ने झरिया- सिंदरी मुख्य मार्ग जाम कर दिया।

वहां पहुंचे रेस्क्यू टीम की गाड़ी और एंबुलेंस के शीशे तोड़ डाले। पास से गुजर रहे हाइवा ट्रक और ऑटो भी आक्रोशित लोगों का निशाना बने। बाद में डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह ने नगर निगम से एक जेसीबी मशीन व सीओ केएन सिंह ने एक जेसीबी मशीन मंगाकर गोफ की खुदाई शुरू कराई, ताकि जमींदोज हो गए पिता-पुत्र को निकाला जा सके।

बाद मे दो पोकलेन मशीनें भी मंगाई गईं। घटनास्थल पर मशीनों से खुदाई कर राहत का काम देर शाम तक चलता रहा। वही डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह ने घटना के लिए स्थानीय विधायक संजीव सिंह और बीसीसीएल को दोषी ठहराया।

जहरीली गैस के चलते गोफ के अंदर नहीं जा सकी रेस्क्यू टीम :

सूचना पाकर धनसार माइंस रेस्क्यू की टीम मौके पर पहुंची। टीम के महेश प्रसाद गौर और उनका साथी मास्क लेकर गोफ में उतरने को तैयार हो गए। इसके लिए सबसे पहले गोफ के किनारे की खुदाई कर रास्ता बनाने का काम शुरू हुआ।

जब टीम ने गोफ से निकल रही खतरनाक गैस का आकलन किया तो पता चला कि लगभग दो हजार पीपीएम गैस कार्बन मोनोआक्साइड गैस निकल रही है। रेस्क्यू अधिकारी एसके डे ने बताया कि 50 पीपीएम गैस में तो हम अंदर उतर सकते थे। 50 पीपीएम में खदान को भी खतरे के कारण बंद करना होता है।

अंदर आग के कारण तापमान भी करीब 70 से 85 डिग्री सेल्सियस के बीच है। इसमें उतरनेवाले को जान का खतरा हो सकता है। खतरे को देखते हुए टीम के सदस्यों ने अंदर जाने का इरादा छोड़ दिया। टीम के लोग खुदाई के दौरान निकल रही गैस का आकलन कर तापमान लेते रहे।

बिलख रहे परिजन : बबलू की मां 65 वर्षीय शाहजहां उर्फ जुमिनी खातून, पत्नी रुखसाना खातून व परिवार के लोग बिलख रहे थे। कुछ ही देर में यह खबर आग की तरह इलाके में फैल गई। हजारों लोग मौके पर जुट गए लेकिन, दोनों का गोफ में कोई अता-पता नहीं चल रहा था।

सरकारी व कंपनी का अमला पहुंचा :

घटना के कुछ देर बाद झरिया थाना प्रभारी यूएन राय, पार्षद आमना खातून, नगर निगम के कृष्णा चौबे मौके पर पहुंचे।

इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से एडीएम ला एंड आर्डर राकेश कुमार दुबे, एसडीओ राकेश कुमार, सिटी एसपी अंशुमान कुमार, बीसीसीएल लोदना क्षेत्र के एजीएम बीएन ¨सह, डिप्टी मेयर एकलव्य ¨सह समेत अनेक अधिकारी, कई थानों की पुलिस, राजनीतिक पार्टियों व श्रमिक संगठनों के नेता पहुंचे।

धनसार माइंस रेस्क्यू स्टेशन से अधिकारी एसके डे के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम भी पहुंची। वही मौके पर मौजूद अधिकारियों ने ग्रुप में पिता-पुत्र के जिंदा सामान्य की बात की पुष्टि यह कहते हुए नहीं किया कि अब तक उनके सामने इस घटना का प्रत्यक्षदर्शी उन्हें नहीं मिला है।

वहीं घटना के बाद माहौल शांत रखने के लिए यहां भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई मीडिया से बात करते हुए धनबाद के सिटी एसपी ने बताया कि स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रित कर लिया गया है ।

दो लोगों के गोप में फंसे होने की जांच चल रही है। वहीं उन्होंने लोगों द्वारा सड़क जाम और गाड़ियों के साथ तोड़फोड़ की घटना से साफ इनकार कर दिया। जबकि वहां मौजूद मीडिया के कैमरे ने इन सभी चीजों को शूट किया है।

रिपोर्ट-गणेश कुमार

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